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जर्मनी ने भी दिखाए ट्रंप को तेवर! मर्ज़ बोले- ‘मुझे इस्लामाबाद वार्ता फेल होने का कोई अचरज नहीं, तैयारी ही खराब थी’

Germany Response US Iran Talks Failure: इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने पर जर्मनी की प्रतिक्रिया सामने आई है। चांसलर Friedrich Merz ने कहा तैयारी कमजोर थी, पढ़ें पूरी खबर।
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Updated: 13 Apr 2026, 7:35 PM IST
Germany Reaction to Islamabad Talks Failure
Germany Reaction to Islamabad Talks Failure (Image: ANI)

Germany Reaction to Islamabad Talks Failure: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने पर अब जर्मनी ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) ने साफ कहा कि उन्हें इस नतीजे पर कोई हैरानी नहीं हुई, क्योंकि शुरुआत से ही बातचीत की तैयारी कमजोर नजर आ रही थी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वार्ता टूटने के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव लगातार बढ़ रहा है।

बर्लिन में मीडिया से बातचीत करते हुए मर्ज़ ने कहा, ''मुझे इस्लामाबाद में वार्ता टूटने के फैसले पर आश्चर्य नहीं हुआ। शुरुआत से ही ऐसा लगा कि बातचीत ठीक तरह से तैयार नहीं थी।'' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात में किसी ठोस समाधान तक पहुंचना आसान नहीं होगा और यह एक लंबी प्रक्रिया साबित हो सकती है।

कूटनीति से ही निकलेगा हल

जर्मनी ने इस पूरे संकट को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि समाधान का रास्ता केवल कूटनीति से ही निकल सकता है। चांसलर के प्रवक्ता ने दोहराया कि मौजूदा स्थिति को समाप्त करने के लिए संवाद और बातचीत ही सबसे प्रभावी उपाय है और जर्मनी की इसमें गहरी रुचि है कि कूटनीतिक प्रयास सफल हों।

मर्ज़ ने यह भी चेतावनी दी कि इस संघर्ष के आर्थिक और वैश्विक असर लंबे समय तक बने रहेंगे। उनके अनुसार, “यह एक लंबी प्रक्रिया होगी और इसके परिणाम संघर्ष खत्म होने के बाद भी काफी समय तक महसूस किए जाएंगे।”

ट्रंप की रणनीति पर जर्मनी का रुख

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास नाकेबंदी की चेतावनी पर भी जर्मनी ने परोक्ष रूप से प्रतिक्रिया दी है। जर्मन पक्ष ने इसे क्षेत्र में दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार यह कदम पूरे जलडमरूमध्य को नहीं, बल्कि केवल ईरान से जुड़े बंदरगाहों को लक्षित करेगा।

दुनिया भर में बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद वार्ता के विफल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जर्मनी का यह रुख संकेत देता है कि यूरोपीय देश इस संकट में सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए संतुलित और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कुल मिलाकर, जर्मनी का यह बयान अमेरिका की रणनीति पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक शक्तियां अब इस जटिल संकट को बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने के पक्ष में हैं, भले ही यह प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।

Updated on:
13 Apr 2026, 7:35 PM IST
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