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नेपाल सरकार का बड़ा फैसला, अब महीने में 2 बार मिलेगी सैलरी, कब शुरू होगी व्यवस्था?

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। नेपाल में अब सरकारी कर्मचारियों को 15 दिन में सैलरी दी जाएगी।
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Updated: 22 Apr 2026, 3:51 AM IST
Nepal PM Balen Shah Dalit apology
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (फोटो- ANI)

नेपाल सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को हर 15 दिनों में सैलरी मिलेगी। सरकार के इस नए फैसले से महीने में एक बार मिलने वाली सैलरी की दशकों पुरानी परंपरा टूट जाएगी। नेपाल सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को सर्कुलर जारी कर दिया है।

कब शुरू होगी व्यवस्था?

नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को एक महीने में 2 बार सैलरी मिलने की व्यवस्था कब से शुरू होगी, अभी यह स्पष्ट नहीं है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नेपाल के सिविल सर्विस एक्ट में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि वर्तमान कानून में हर महीने के अंत में सैलरी देने का प्रावधान है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया सिस्टम शुरू किया जाएगा। यह फैसला मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है। अगर कानूनी संशोधन समय पर हो गया तो जुलाई 2026 से नई व्यवस्था शुरू हो सकती है। यह फैसला नेपाल सरकार की आर्थिक सुधारों की नई दिशा को दिखाता है।

क्यों लागू हुई 2 बार सैलरी देने की व्यवस्था?

नेपाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अगर कर्मचारियों के हाथ में हर पखवाड़े पैसा आएगा तो उनका खर्च बढ़ेगा, बाजार में पैसों का प्रवाह तेज होगा और स्थानीय व्यापार को फायदा पहुंचेगा। विशेषकर छोटे दुकानदार, किराना स्टोर और सेवा क्षेत्र को इससे सीधा लाभ होने की उम्मीद है। दुनिया के ज्यादातर देशों में सरकारी कर्मचारियों को अभी भी महीने में सिर्फ एक बार ही सैलरी दी जाती है। दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव में भी महीने में एक बार सैलरी देने की व्यवस्था है। नेपाल इस मामले में पूरे क्षेत्र में पहला देश बन गया है, जो सरकारी वेतन को एक महीने में 2 बार देने जा रहा है।

क्या कहते हैं सरकारी कर्मचारी?

सरकारी कर्मचारी संघों ने महीने में 2 बार सैलरी देने के फैसले का स्वागत किया है। एक कर्मचारी संघ के एक नेता ने कहा- महंगाई के इस दौर में हर 15 दिन में सैलरी मिलने से हमारी मासिक खर्च की योजना बेहतर बनेगी। कर्ज लेने की जरूरत कम होगी। हालांकि कुछ अधिकारी प्रशासनिक बोझ और बैंकों पर अतिरिक्त दबाव की चिंता जता रहे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ता खर्च बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 0.5 से 1 प्रतिशत तक का अतिरिक्त योगदान दे सकता है।

नेपाल की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

नेपाल की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ वर्षों से पर्यटन, रेमिटेंस और कृषि पर निर्भर रही है। कोविड के बाद सुस्ती और बढ़ती महंगाई से जूझ रही अर्थव्यवस्था को यह फैसला नई ऊर्जा दे सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि पैसे का बाजार में सर्कुलर बना रहे, जिससे छोटे उद्योगों, होटलों और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को फायदा हो। हालांकि पूर्ण रूप से लागू होने में अभी कुछ समय लग सकता है। अगर यह व्यस्था सफल रही तो भविष्य में निजी क्षेत्र को भी इसी तर्ज पर वेतन देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। यह कदम कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।

Updated on:
22 Apr 2026, 3:51 AM IST
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