तंबाकू का सेवन न सिर्फ पैसा खत्म करता है, बल्कि गंभीर बीमारियां भी पैदा करता है। भारत में हर साल तंबाकू से जुड़ी बीमारियां- कैंसर, सांस की बीमारियां और हृदय रोग से 13.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। तंबाकू खरीदने के बाद इन बीमारियों के इलाज पर अतिरिक्त खर्च परिवार को और अधिक आर्थिक संकट में डाल देता है। देश में कैंसर के कुल मामलों में 27 प्रतिशत तंबाकू से जुड़े होते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक और उपभोक्ता देश है, जहां तंबाकू की लत गरीबी का चक्र बन चुकी है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि तंबाकू छोड़ना केवल स्वास्थ्य संदेश नहीं, बल्कि गरीबी उन्मूलन की एक प्रभावी रणनीति भी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि तंबाकू नियंत्रण को सरकारी गरीबी उन्मूलन, पोषण और आजीविका कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाए। इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ स्वास्थ्य बोझ भी कम होगा।यह अध्ययन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि तंबाकू की लत व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ पूरे परिवार और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में बाधक है। तंबाकू मुक्त भारत न सिर्फ स्वस्थ, बल्कि समृद्ध भी बना सकता है।