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“हम बिकाऊ नहीं हैं”, ग्रीनलैंडवासियों की ट्रंप को दो-टूक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकियाँ दे रहे हैं। ट्रंप की इन धमकियों पर ग्रीनलैंडवासियों ने उन्हें दो-टूक जवाब दे दिया है।
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Updated: 16 Jan 2026, 2:16 PM IST
Greenlanders
Greenlanders (Photo - Washington Post)

अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही ग्रीनलैंड (Greenland) को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कह रहे हैं। ट्रंप समय-समय पर ऐसा करने की धमकी दिए हैं। ग्रीनलैंड, डेनमार्क (Denmark) का हिस्सा है और एक स्वायत्तशासी क्षेत्र है। हालांकि ट्रंप इसे अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं और इसे खरीदने की भी पेशकश कर चुके हैं। ट्रंप के विचार को ग्रीनलैंडवासियों ने खारिज कर दिया है।

"हम बिकाऊ नहीं हैं"

ग्रीनलैंड पर सैन्य कब्ज़ा करने या फिर उसे खरीदने के ट्रंप के विचार को ग्रीनलैंडवासियों ने खारिज कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्रीनलैंडवासियों ने कहा, "ग्रीनलैंड की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। हम बिकाऊ नहीं हैं। हमारी ज़मीन बिकने वाली नहीं है। यह हमारे पूर्वजों की परंपरा है।"

"ग्रीनलैंड होना चाहिए आज़ाद"

ग्रीनलैंडवासियों ने आगे कहा, "मैं चाहता हूं कि ग्रीनलैंड आज़ाद हो, लेकिन हम अभी तैयार नहीं हैं। पर मुझे उम्मीद है कि मेरे जीते जी ऐसा हो जाए, जिससे हम एक ग्रीनलैंड को एक आज़ाद देश कह सके।"

ट्रंप को क्यों चाहिए ग्रीनलैंड?

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्ज़े के बारे में ट्रंप कहते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो ग्रीनलैंड में रूस और चीन का प्रभाव बढ़ता जाएगा। हालांकि ट्रंप के 'ग्रीनलैंड मिशन' के पीछे सिर्फ यही वजह नहीं है। दरअसल ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ मिनरल्स का भंडार है, जिस पर लंबे समय से ट्रंप की नज़र है। जिस तरह ट्रंप ने वेनेज़ुएला (Venezuela) के तेल भंडार पर कब्ज़ा किया है, उसी तरह वह ग्रीनलैंड के रेयर अर्थ मिनरल्स भंडार पर भी कब्ज़ा करना चाहते हैं।

Updated on:
16 Jan 2026, 2:16 PM IST
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