
Hamas leader Khalil al-Hayya: फिलिस्तीनी संगठन हमास ने आधिकारिक तौर पर अपने नए प्रमुख नेता के नाम की घोषणा की है। इजराइल के साथ युद्धविराम की बातचीत का नेतृत्व करने वाले संगठन के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या को हमास का नया प्रमुख (राजनीतिक ब्यूरो का अध्यक्ष) चुना गया है। वे पूर्व नेता याह्या सिनवार की जगह लेंगे, जिनकी अक्टूबर 2024 में गाजा में इजराइली सेना के हमले में मौत हो गई थी।
अक्टूबर 2024 से हमास पांच सदस्यीय अस्थायी परिषद के तहत काम कर रहा था। अल-हय्या के नए प्रमुख के रूप में चुने जाने के साथ, संगठन का नेतृत्व एक बार फिर एक मुख्य नेता के हाथों में आ गया है। हमास द्वारा आयोजित आंतरिक चुनाव प्रक्रिया में खलील अल-हय्या का सीधा मुकाबला संगठन के पूर्व राजनीतिक प्रमुख खालिद मशाल से हुआ। अल-हय्या ने रन-ऑफ दौर में मशाल को हराकर यह पद हासिल किया।
5 नवंबर 1960 को गाजा पट्टी में जन्मे खलील अल-हय्या हमास के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले और सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। अल-हय्या के पास कुरान और इस्लामी विज्ञान विश्वविद्यालय से सुन्नत और हदीस विज्ञान में PhD की डिग्री है। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई गाजा के इस्लामिक यूनिवर्सिटी से पूरी की और जॉर्डन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वे 1980 के दशक की शुरुआत में मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े और 1987 में हमास की स्थापना के समय से ही इसके सक्रिय संस्थापक सदस्य रहे हैं। उन्हें 2006 में फिलिस्तीनी विधान परिषद (PLC) के लिए चुना गया था और उन्होंने हमास के राजनीतिक विंग में अहम भूमिका निभाई है।
खलील अल-हय्या को ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का करीबी माना जाता है। वह हमास के पूर्व नेताओं इस्माइल हानियेह और याह्या सिनवार के करीबी सहयोगी रहे हैं। इजराइल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, अल-हय्या हमास के मुख्य कूटनीतिक चेहरे और मुख्य वार्ताकार के तौर पर उभरे हैं। कतर, मिस्र और मध्यस्थता करने वाले अन्य देशों की मदद से हुई युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली से जुड़ी सभी वार्ताओं में उन्होंने हमास के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया है।
खलील अल-हय्या का जीवन इजरायल के साथ संघर्ष में बीटा है। उन्होंने 1990 के दशक में इजराइल में तीन साल की जेल की सजा काटी थी। इसके अलावा, वह इजराइल के कई हवाई हमलों में बाल-बाल बचे हैं, हालांकि इन हमलों में उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों को खो दिया। 2007 में इजराइली हवाई हमले में उनके परिवार के सात सदस्य मारे गए थे।
2014 में गाजा के शुजाइया इलाके में उनके घर पर हुए हमले में उनके बेटे ओसामा, बहू और पोते-पोतियों समेत 19 रिश्तेदारों की जान चली गई। दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में अल-हय्या तो बच गए, लेकिन उनके बेटे हम्माम और उनके कार्यालय निदेशक की मौत हो गई।