
Cyclone Ditwah India Help: श्रीलंका में चक्रवात दित्वा ने भयंकर तबाही मचा दी है। रिकॉर्ड बारिश से बाढ़ और भूस्खलन के कारण हजारों घर बह गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत (Cyclone Ditwah Sri Lanka) ने अपने पड़ोसी देश का साथ निभाया है। भारतीय उच्चायोग ने कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तुरंत आपातकालीन हेल्प डेस्क खोल दी है। अगर कोई भारतीय नागरिक वहां फंसा हुआ है या किसी भी हवाई अड्डे पर मदद चाहिए तो सिर्फ एक व्हाट्सएप करें– +94 773727832। टीम फौरन पहुंच रही है और खाने-पानी से लेकर सुरक्षित जगह तक का सारा इंतजाम कर रही है। ध्यान रहे कि चक्रवात के चलते कोलंबो (Colombo Airport Emergency Desk) समेत कई इलाकों में उड़ानें रद्द हो गई हैं। हवाई अड्डे पर सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे हुए थे। भारतीय दूतावास ने फौरन खाने, पानी और जरूरी सामान (India NDRF Sri Lanka Rescue) पहुंचाया। अब कोई भी भारतीय अकेला नहीं है – हेल्प डेस्क 24 घंटे काम कर रही है।
भारत सिर्फ अपने नागरिकों की ही नहीं,पूरे श्रीलंका की भी मदद कर रहा है। शुक्रवार सुबह-सुबह दो बड़े विमान कोलंबो पहुंचे। इनमें 80 से ज्यादा NDRF के जवान, चार स्निफर डॉग्स, फुलाने वाली नावें, कटिंग टूल्स और 21 टन से ज्यादा राहत सामान था – टेंट, कंबल, गद्दे, गरिमा किट और जरूरी दवाइयां। ये सब सीधे बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।
भारतीय वायुसेना ने गुरुवार-शुक्रवार की रात को भी ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया। हिंडन एयरबेस से C-130 और IL-76 विमान रात में ही उड़े और सुबह तक कोलंबो पहुँचा दिए गए। कमांडेंट पी.के. तिवारी की अगुवाई में NDRF की दोनों टीमें श्रीलंकाई सेना के साथ मिल कर राहत व बचाव कार्य कर रही हैं। भारत ने कुल चार NDRF टीमें श्रीलंका भेजी हैं। ये जवान बाढ़ में फंसे हुए लोगों को निकाल रहे हैं, भूस्खलन वाले इलाकों में सर्च कर रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं।
श्रीलंका की सेना भी हेलीकॉप्टर और नाव से रेस्क्यू कर रही है, लेकिन भारत की तेज़ मदद ने सबको चौंकाया है। भारत ने साफ कहा है – “जरूरत की इस घड़ी में हम श्रीलंका के साथ पूरी ताकत से खड़े हुए हैं।” ये मदद भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का जीता-जागता उदाहरण है। जब भी पड़ोसी मुसीबत में होता है, भारत सबसे पहले दौड़ता है – चाहे मालदीव हो, नेपाल हो या अब श्रीलंका।
श्रीलंका के लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं – “थैंक यू इंडिया, यू आर रियल ब्रदर!” भारत में भी लोग गर्व कर रहे हैं – “जब दुनिया सो रही थी, हमारी वायुसेना रात में उड़ान भर रही थी।”
बहरहाल, भारत की ओर से अगले 48 घंटों के दौरान श्रीलंका और राहत सामग्री भेजी जा सकती है। NDRF की तीसरी टीम भी स्टैंडबाय पर है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश अभी दो-तीन दिन और हो सकती है, इसलिए भारत पूरी तरह अलर्ट है। चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका को 40 साल की सबसे भयंकर बाढ़ दी है। कोलंबो में कई जगह सड़कें नदियां बन गई हैं। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, बिजली गुल है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। भारत की यह मदद वहां के लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है। ( ANI)