अमेरिका के वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने मदर ऑफ ऑल डील्स पर नाराजगी जताई है। बेसेंट यूरोप पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत पर रूसी तेल को लेकर अमेरिका ने टैरिफ लगाए।
India-EU Trade Deal: भारत और ईयू के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स (Mother Of All Deals) बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। वहीं भारत और यूरोपियन यूनियन (European Union) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) होने से पहले ही अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को मिर्ची लग गई है।
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि भारत के साथ FTA पर हस्ताक्षर करके यूरोप अपने ही खिलाफ रूसी जंग को फंडिंग दे रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूरोप ने भले रूस के साथ अपने तेल खरीद को महत्वपूर्ण रूप से समाप्त कर दिया है, लेकिन अब वो भारत में रिफाइन हो रहे रूसी तेल उत्पादों को खरीदने की तैयारी में है और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को वित्त पोषित (फंडिंग) कर रहे हैं।
अमेरिका के वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने मदर ऑफ ऑल डील्स पर नाराजगी जताई है। बेसेंट यूरोप पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत पर रूसी तेल को लेकर अमेरिका ने टैरिफ लगाए। इसके बावजूद यूरोपीय देशों से समर्थन नहीं मिला। बेसेंट का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर हैं। इस दौरान भारत और यूरोपीय यूनियन का बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) होना है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का नाम मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर की गई पोस्ट में इसे मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील बताया गया। पोस्ट के साथ जारी किए गए पोस्टर में कहा गया कि इससे 75 अरब डॉलर (6.41 लाख करोड़ रुपए) के निर्यात के रास्ते खुलेंगे। ईयू की 9,425 लाइनों पर भारतीय निर्यात के लिए टैरिफ खत्म होगा। प्रधानमंत्री की ओर से जारी किए पोस्टर में आगे कहा गया कि भारत-ईयू ट्रेड डील से भारतीय निर्यात मूल्य के 99 प्रतिशत हिस्से को ईयू में ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी। दोनों देशों के बीच हुए ट्रेड समझौते से भारत को यूरोप के आईटी, फाइनेंशियल और शिक्षा जैसे सब-सेक्टर्स तक पहुंच मिलेगी।