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विदेश मंत्री जयशंकर ने गुयाना के राष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें किन तीन अहम समझौते पर दोनों देशों ने किए हस्ताक्षर

India Guyana Meeting: भारत ने गुयाना को विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन डॉलर की नई लाइन ऑफ क्रेडिट देने की घोषणा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली की मुलाकात में तीन अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
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Updated: 5 Nov 2026, 10:41 AM IST
India Guyana Meeting
भारत और गुयाना के बीच तीन अहम समझौते पर हुए हस्ताक्षर (Photo- X @DrSJaishankar)

India Guyana Relations: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शासनध्यक्षों की बैठक (CHOGM) से इतर गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं की बैठक में तीन अहम समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए। भारत ने गुयाना के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की नई लाइन ऑफ क्रेडिट देने की घोषणा की है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

तीन अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के मुताबिक, दोनों नेताओं की बैठक के दौरान भारत और गुयाना के बीच तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें शामिल हैं:

1- लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा: गुयाना में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) की विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति और स्थापना से जुड़ा समझौता।

2- विकास परियोजनाओं के लिए अनुदान: क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स (QIPs) के क्रियान्वयन के लिए अनुदान सहायता।

3- डिजिटल भुगतान व्यवस्था: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में सहयोग और गुयाना में भारत की यूपीआई (UPI) जैसी एकीकृत भुगतान प्रणाली विकसित करने की दिशा में समझौता।

ऊर्जा से लेकर कृषि तक सहयोग बढ़ाने पर जोर

बैठक के दौरान दोनों देश के नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

वहीं भारत की ओर से घोषित 500 मिलियन डॉलर की नई लाइन ऑफ क्रेडिट से गुयाना को अपनी विकास प्राथमिकताओं और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत पहले भी गुयाना में कई विकास परियोजनाएं पूरी कर चुका है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी मजबूती

भारत और गुयाना के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनस्तर पर मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देश ग्लोबल साउथ के साझेदार और राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं। दोनों का उद्देश्य आपसी सहयोग को और व्यापक बनाना तथा विकास और समृद्धि से जुड़ी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना है।

इस मुलाकात को भारत और गुयाना के बीच आर्थिक, तकनीकी और विकास साझेदारी को नई गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Updated on:
5 Nov 2026, 10:41 AM IST
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