
India-Israel Strategic Partnership: मिडिल-ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज को लेकर अमेरिका सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में भारत और इजरायल के रिश्तों को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। दोनों देशों ने विकास से जुड़े कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है।
भारत और इजरायल अब कृषि, पानी और एक्वाकल्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसको लेकर यरुशलम में अहम बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों ने विकास के नए रास्तों पर भी विचार किया।
इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने यरुशलम में MASHAV की प्रमुख इनात श्लेन से मुलाकात की। बता दें ‘MASHAV’ इजरायल की अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एजेंसी है। बैठक में भारत-इजरायल डेवलपमेंट पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। खास तौर पर कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने भारत में मौजूद कृषि सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को और मजबूत करने पर बात की। इन केंद्रों के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा पानी के बेहतर इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। वॉटर मैनेजमेंट में क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग पर विचार किया गया। भारत के लिए पानी का बेहतर प्रबंधन बेहद अहम है। ऐसे में इजरायल की तकनीकी विशेषज्ञता दोनों देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
बैठक में एक्वाकल्चर को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देश इस क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं। एक्वाकल्चर को आसान भाषा में जलीय कृषि कहा जाता है। इसमें मछली, झींगा और दूसरे जलीय जीवों का नियंत्रित तरीके से पालन किया जाता है।
भारत में मछली पालन और जलीय कृषि तेजी से बढ़ते क्षेत्र हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए इस सेक्टर को और मजबूत किया जा सकता है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक, दोनों पक्षों ने इस प्रभावी साझेदारी को और गहरा करने पर विचार साझा किए।
भारत-इजरायल सहयोग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच भी फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की प्रगति की समीक्षा की। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी विचार साझा किए गए।
PMO के मुताबिक, दोनों नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों आगे भी संपर्क में रहने पर सहमत हुए। इससे पहले जुलाई में भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को लेकर बातचीत का दूसरा दौर भी पूरा हुआ था। दोनों देशों ने जरूरी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की।
अब दोनों पक्ष जल्द से जल्द संतुलित और आपसी फायदे वाला समझौता करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत-इजरायल की बढ़ती साझेदारी पर दुनिया की नजर बनी हुई है।