विदेश

भारत का ऑपरेशन स्वदेश लॉन्च, ईरान से एयरलिफ्ट किए जाएंगे सभी भारतीय नागरिक, आज पहला विमान पहुंचेगा दिल्ली

ईरान में रह रहे 12 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई है। ऐसे में भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन स्वदेश लॉन्च किया है।

2 min read
Jan 16, 2026
ईरान में हिंसा के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की चिंता (Photo-IANS)

ईरान में अस्थिरता का माहौल कायम है। कई जगह अभी भी हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में वहां रह रहे 12 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई है। ऐसे में भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन स्वदेश लॉन्च किया है। आज तेहरान से उड़ान भरकर पहली फ्लाइट नई दिल्ली लैंड करेगी।

ईरान में इस समय करीब 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें छात्र, कारोबारी और पेशेवर शामिल हैं। इसमें से 2500-3000 स्टूडेंट हैं, जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां गए थे। विदेश मंत्रालय ने ईरान की यात्रा से बचने की सलाह भी दी है।

ये भी पढ़ें

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बीच एक्शन में भारत: ईरान से 10,000 से अधिक नागरिकों को निकालने की तैयारी शुरू

भारतीय दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

इधर, तेहरान स्थित दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर व ईमेल आईडी भी जारी किया है। मोबाइल नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359। ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in, ईरान में मौजूद भारतीय इन नंबरों के जरिए भारतीय दूतावास से संपर्क साध सकते हैं। भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों अपने पासपोर्ट,वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखें। इस संबंध में किसी भी मदद के लिए वे भारतीय दूतावास से संपर्क करें।

सभी छात्रों का हो चुका है रजिस्ट्रेशन

जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने बताया कि ईरान में मौजूद सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। भारतीय दूतावास ने उनकी पर्सनल डिटेल और पासपोर्ट इकट्ठा कर लिए हैं। पहले बैच को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक तैयार रहने की जानकारी दे दी गई है। संगठन ने कहा कि पहले बैच में गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कुछ स्टूडेंट्स शामिल हैं।

भारत सरकार से लगाई थी गुहार

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। छात्र संगठन ने कहा कि ईरान में अस्थिरता का माहौल होने के कारण वहां मौजूद लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण जम्मू-कश्मीर में मौजूद परिजन अपने बच्चों से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं। JKSA ने भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों से ईरान में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात पर लगातार नजर रखने की अपील की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।

Updated on:
16 Jan 2026 07:10 am
Published on:
16 Jan 2026 06:48 am
Also Read
View All

अगली खबर