
India help Afghanistan: भारत एक बार फिर अफगानिस्तान की मदद को सामने आया है। भारत ने मानवीय मदद के तहत बुधवार को काबुल को पांच टन जरूरी दवाइयां पहुंचाईं। इसकी जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया 'एक्स' के जरिए दी है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 'भारत ने काबुल को और 5 टन जरूरी दवाइयां पहुंचाईं, जिससे मानवीय मदद और अफगान लोगों की भलाई के लिए उसका पक्का वादा फिर से पक्का होता है।'
बुधवार को 'X' पर एक पोस्ट में रणधीर जायसवाल ने कहा, 'अफगानिस्तान के हेल्थ सेक्टर को सपोर्ट करने के अपने वादे को फिर से पक्का करते हुए, भारत ने अफगान हेल्थ अथॉरिटीज को डायग्नोसिस और इलाज के लिए मेडिकल इक्विपमेंट गिफ्ट किए, जिसमें नियोनेटल और पीडियाट्रिक केयर डिवाइस, कार्डियोग्राफ मशीन, वेंटिलेटर, पेशेंट मॉनिटर, मैक्सिलोफेशियल इलेक्ट्रोकॉटरी, प्लास्टिक सर्जरी सेट और खास मेडिकल किट शामिल हैं।'
आपको बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने 11 जून को अफगानिस्तान के हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के लिए भारत का वादा दोहराया। अफगान हेल्थ अथॉरिटीज को डायग्नोसिस, इलाज और खास देखभाल के लिए मेडिकल इक्विपमेंट गिफ्ट करने की घोषणा की।
हाल के वर्षों में भारत ने अफगानिस्तान को दवाइयां, खाद्य सहायत और आपदा राहत सामग्री मुहैया कराई है। अप्रैल में जहां भारत ने 13 टन बीसीजी टीके भेजे थे टीकाकरण, वहीं इसी साल बाढ़ और भूकंप से बचाव के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री उपलब्ध कराई थी। भारत ने मार्च में भी अफगानिस्तान को आपातकालीन दवाएं और उपकरण भेजे थे।
नई दिल्ली में नवंबर 2025 में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, क्षेत्रीय संपर्क और जन-से-जन संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई थी। बैठक के बाद जयशंकर ने कहा था कि भारत अफगानिस्तान की जनता के विकास, समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को नई गति देने तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए संभावित उपायों पर भी विचार-विमर्श किया था।