Russia oil import India controversy: रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के ‘इंडियन गुड एक्टर’ वाले बयान पर भारत में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
Russian oil purchase India US reaction: रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद विपक्ष एक बार फिर मोदी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत ने आज़ादी की लड़ाई इसलिए लड़ी थी ताकि कोई भी विदेशी शक्ति हम पर अपनी शर्तें न थोप सके। फिर भी आज एक कमजोर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अमेरिका खुलेआम भारत को ‘इजाजत’ देने की बात कर रहा है। यह कूटनीति नहीं, बल्कि अपमान है। भारतीय किसी और की लिखी कहानी के पात्र नहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी, इस बयान पर आपकी चुप्पी बेहद चुभ रही है। भारत की जनता स्पष्टीकरण की हकदार है।”
रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘फॉक्स बिजनेस’ से बातचीत में भारत को “बहुत अच्छा एक्टर” बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले रूस से तेल नहीं खरीदने की बात मान ली थी और अब अमेरिका की छूट मिलने के बाद तेल खरीदेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला मौजूदा संकट के दौरान अल्पकालिक सप्लाई की दिक्कतों को कम करने के लिए लिया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने यह भी कहा, “दुनिया में तेल की बहुत अच्छी सप्लाई है। हमारे विभाग ने सहयोगी देशों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। यह तेल पहले से ही समुद्र में मौजूद था।”
इससे पहले भी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि खाड़ी संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के सामने गंभीर बाधाएं पैदा हो गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूसी तेल खरीदने की 30 दिनों की छूट दी है। उनके इस बयान के बाद भी भारत में राजनीतिक हलकों में सवाल उठे थे।
भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) से प्राप्त करता है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल आपूर्ति पर संकट गहरा गया है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। शनिवार को युद्ध आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।