
Indian Oil Tanker Fired Iran Navy Hormuz: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है। ओमान के पास एक भारतीय-ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर पर ईरानी नौसेना द्वारा फायरिंग किए जाने की खबर है। यह टैंकर करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था। घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विशाल तेल टैंकर होर्मुज के पास से गुजर रहा था तभी उस पर फायरिंग की गई। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच टकराव जारी है और होर्मुज क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना के बाद दो भारतीय-ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षा कारणों से वापस लौटना पड़ा। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। इससे साफ है कि समुद्री मार्ग पर स्थिति सामान्य नहीं है और जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
घटना के बाद भारत सरकार ने तुरंत कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब कर इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सरकार जल्द ही इस पर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज शाम भारत के विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को साउथ ब्लॉक (विदेश मंत्रालय) तलब किया। इस हाई-लेवल मीटिंग के दौरान भारत ने ओमान के पास दो भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी को लेकर अपनी गहरी चिंता दर्ज कराई है।
विदेश सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने ईरान को वह पुरानी दोस्ती भी याद दिलाई, जिसमें तेहरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) देने का वादा किया था। भारत ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि होर्मुज में भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तुरंत बहाल किए जाएं। ईरानी राजदूत ने भरोसा दिलाया है कि वे दिल्ली के इस सख्त संदेश को तुरंत अपनी सरकार (तेहरान) तक पहुचाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या बाधा का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते पहले ही इस क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई थी, और अब भारतीय जहाज से जुड़ी यह घटना स्थिति को और गंभीर बना रही है।
हाल ही में ईरान की ओर से कहा गया था कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा और इसको लेकर दोनों देशों के बीच संपर्क भी बना हुआ है। इसके बावजूद हुई यह घटना कई सवाल खड़े करती है और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।