Indian tanker Desh Garima ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब शनिवार को IRGC ने भारतीय जहाजों पर फायरिंग की थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने ईरान राजदूत को तलब कर अपनी चिंता जताई थी।
Desh Garima pass Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में बदलती हुई परिस्थितियों के बीच भारतीय ध्वज वाले एक और तेल टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। यह ऐसे वक्त में जबकि दो अन्य जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसके बाद भारत ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर ईरान के साथ चिंता व्यक्त की थी।
भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल से भरा टैंकर देश गरिमा ने 18 अप्रैल को रणनीतिक जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। 22 अप्रैल को उसके मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 31 भारतीय नाविक सवार हैं। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित का टैंकर मार्च की शुरुआत से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है।
पिछले 24 घंटे में समनार हेराड और बल्क कैरियर जग अर्नव ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान फायरिंग की सूचना दी और वे फारस की खाड़ी लौट आए। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली को विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए बुलाया था। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की थी।
उन्हें याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया था। व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की घटना पर चिंता दोहराते हुए विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों को भारत का दृष्टिकोण बताएं और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों को सुगम बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से आरंभ करें।
भारत का झंडा लगे हुए दो जहाजों पर गोलीबारी की घटना सामने आने के बाद बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने ईरान की आलोचना की है। मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बलूचिस्तान रिपब्लिक उस फायरिंग की घटना की कड़ी निंदा करता है जिसमें ईरान की नेवी ने दो भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से पश्चिम की ओर धकेल दिया था। कमर्शियल शिपिंग, खासकर भारतीय झंडे वाले वीएलसीसी सुपरटैंकर के खिलाफ बल का इस्तेमाल एक खतरनाक बढ़ोतरी दिखाता है। यह इलाके की स्थिरता और जरूरी ग्लोबल ट्रेड रूट की सुरक्षा के लिए खतरा है। घटना के दौरान भारतीय झंडे वाला सुपरटैंकर लगभग 2 मिलियन बैरल इराकी तेल ले जा रहा था।'
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चीनी जहाज को भी वापस लौटा दिया था। इजाजत नहीं मिली तो जहाज को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी।