Trump immigration crackdown Indians: अवैध रूप से अमेरिका पहुंचने वाले भारतीयों की संख्या में 2024 के मुकाबले कमी जरूर आई है, लेकिन इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है।
Indians caught crossing US border: बेहतर भविष्य की चाहत में भारतीय अवैध रूप से अमेरिका पहुंचने से भी नहीं कतरा रहे हैं। 2025 में बड़े पैमाने पर ऐसे भारतीयों को हिरासत में लिया गया, जो अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल हर 20 मिनट में एक भारतीय को यूएस बॉर्डर पर पकड़ा गया। इससे पता चलता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की कड़ी कार्रवाई के बावजूद अमेरिका में अवैध माइग्रेशन (Illegal Migration) जारी है।
यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के अनुसार, जनवरी और दिसंबर 2025 के बीच 23,830 भारतीयों को पकड़ा गया। भले ही यह संख्या 2024 के 85,119 की तुलना कम है, लेकिन अमेरिका में बढ़ती अवैध प्रवासियों की समस्या को दर्शाती है। पकड़े गए अधिकांश भारतीय नौकरी या ज्यादा सैलरी की तलाश में यूएस आए थे। अमेरिकी एजेंसियों को सीमा पर ऐसे प्रवासी बच्चे भी मिले हैं, जो किसी न किसी वजह से अमेरिका में दाखिल होना चाहते थे। मालूम हो कि जनवरी 2022 में कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करते समय गुजराती परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। परिवार 12 जनवरी, 2022 को भारत से टोरंटो गया और वहां से सड़क के रास्ते अमेरिका में दाखिल होने की कोशिश की। हालांकि, बीच में ही सभी की मौत हो गई। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल थे।
ईटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि कड़ी कार्रवाई से अवैध रूप से अमेरिका जाने वालों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन इस पर लगाम नहीं लग पाई है। 2025 में हर 20 मिनट में एक भारतीय को ऐसी कोशिश करते पकड़ा गया था। अमेरिकी बॉर्डर अधिकारियों का कहना है कि बढ़ी निगरानी, पॉलिसी में बदलाव और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट द्वारा सख्त कार्रवाई से अवैध प्रवासन के मामलों में कमी आई है। तस्करी के रास्ते बंद हो रहे हैं, बॉर्डर पेट्रोलिंग बढ़ गई है और सजा पहले से अधिक कड़ी की गई है, नतीजतन बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका आने वालों में घबराहट है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि घुसपैठ पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि यूएस डेटा घुसपैठ में रोकथाम दिखाता है, लेकिन इस पर पूरी तरह लगाम अब तक नहीं लग पाई है। अमेरिका का आर्थिक और सामाजिक आकर्षण अभी भी मज़बूत है, दबाव बढ़ने से स्मगलिंग नेटवर्क ने अपना रास्ता बदल लिया है। अवैध माइग्रेशन, खासकर गुजरात से होने वाले माइग्रेशन पर नजर रखने वाली भारतीय एजेंसियों का भी यही मानना है। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की सख़्त नीतियों और ICE सहित दूसरी एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के कारण इसमें भारी कमी आई है। लेकिन अमेरिका में बसने की इच्छा के चलते भारतीय अभी भी अवैध तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं।
मेक्सिको, यूएस में दाखिल होने का एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट रूट बना हुआ है, लेकिन 2025 में कनाडा-अमेरिका बॉर्डर पर भी बदलाव देखा गया है। अधिकांश भारतीयों को यहीं पकड़ा गया, क्योंकि तस्कर कड़ी निगरानी वाले लैटिन अमेरिकी रूटस से हटकर कम इस्तेमाल होने वाले और ज्यादा खतरनाक रास्तों की ओर चले गए हैं। अधिकारी ने बताया कि पहले दुबई और इस्तांबुल जैसे हब के ज़रिए मेक्सिको और कनाडा के रास्ते अमेरिका में प्रवेश दिलाने वाले अवैध चैनल सक्रिय थे। अब इन रास्तों पर निगरानी कड़ी हो गई है, इसलिए अवैध रूप से अमेरिका में घुसने के लिए नए और ज्यादा जोखिम भरे रास्तों को अपनाया जा रहा है।