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इंडोनेशिया में स्कूल बिल्डिंग के मलबे से निकले 12 और शव, मरने वालों की संख्या पहुंची 61

इंडोनेशियाई में 29 सितंबर को एक स्कूल की अधनिर्मित इमारत गिर गई थी। सोमवार को रेस्क्यू टीम ने इस इमारत के मलबे में से 12 और शवों को निकाला है जिसके बाद इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 61 हो गई है।
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Oct 07, 2025
Indonesian school building collapse
इंडोनेशिया में गिरी स्कूल बिल्डिंग (फोटो- वॉशिंगटन पोस्ट)

इंडोनेशियाई में स्कूल बिल्डिंग गिरने की घटना में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ कर 61 हो गया है। हाल ही जावा द्वीप के सिदोअरजो शहर में स्थित एक इस्लामिक स्कूल की अधनिर्मित इमारत गिर गई थी। इस घटना में दर्जनों छात्र और शिक्षक मलबे में दब गए थे। घटना के बाद से यहां रेसक्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी दौरान सोमवार को भी बचाव कर्मियों को मलबे में से 12 और शवों के अलावा सात शरीर के अंग भी बरामद हुए है, जिसके बाद घटना में मरने वालों की सख्यां 61 हो गई है।

100 वर्ष पुराने मदरसे में अनधिकृत रूप से हो रहा था निर्माण

अल खोज़िनी नामक यह मदरसा करीब 100 वर्ष पुराना है। 29 सितंबर को दोपहर की नमाज़ के समय इस मदरसे की इमारत ढह गई थी। इसमें सैंकड़ों की संख्या में छात्र फंस गए थे। इन छात्रों में ज्यादातर लड़के शामिल थे जिनकी उम्र 12 से 19 साल के बीच थी। जानकारी के अनुसार, इस इमारत में अनधिकृत रूप से विस्तार या निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके चलते यह हादसा हो गया।

घटना के तीन दिन बाद मलबे से जीवन संकेत मिलने बंद

मदरसे में मौजूद सभी छात्र इस दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जबकि एक छात्र किस्मत से बच निकला था। इसके अलावा 99 छात्रों को गंभीर चोटें आई थी और न जाने कितने ही छात्र मलबे के नीचे दब गए थे। इस दौरान चार छात्रों को गंभीर चोटें आई थी और उनके शरीर के कई अंग टूट गए थे। दुर्घटना के तीन बाद जब मलबे के नीचे से जीवन के संकेत मिलने बंद हो गए, उसके बाद अधिकारियों ने तेज़ गति से काम करने के लिए भारी खुदाई मशीनों का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया।

शवों की पहचान के लिए कराया जा रहा डीएनए टेस्ट

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक सोमवार को रेस्क्यू टीम ने मलबे से 12 शव और कम से कम सात शरीर के अंग बरामद किए। बचाव दल अभी भी उन दो छात्रों की तलाश कर रहा है, जिनकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि उनमें से किसी के भी जिंदा होने की संभावना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादातर शवों की हालत ऐसी थी कि उनकी पहचान करना मुश्किल था। ऐसे में अपने बच्चों की मौत के दुख से गुजर रहे उनके घरवालों ने शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल दिए, जिनकी मदद से शवों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार तक 17 शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

Updated on:
07 Oct 2025 12:19 pm
Published on:
07 Oct 2025 12:19 pm