Interpol extradites Chinese fugitive: नाइजीरिया पुलिस और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई में चीन का वांछित अपराधी दाई क़ीशेंग पकड़ा गया उसे गिरफ्तार कर वापस चीन भेज दिया गया।
Interpol extradites Chinese fugitive: नाइजीरिया पुलिस बल ने इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (Interpol extradition) अबुजा के जरिये एक बड़ी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित एक अपराधी दाई क़ीशेंग (Dai Qisheng) को गिरफ्तार कर उसे चीन वापस भेजा गया है। देर से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 8 अगस्त 2025 को अबुजा में की गई और 15 अगस्त 2025 को उसे आधिकारिक रूप से चीन भेजा गया। दाई क़ीशेंग, चीन के गुइझोउ प्रांत (Interpol extradites Chinese fugitive) का एक कुख्यात गैंग लीडर है। उस पर गंभीर संगठित अपराधों का आरोप है। झिजिन काउंटी की पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट 2024 में जारी किया था। इसके बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए चीन से भाग कर नाइजीरिया पहुंच गया।
नाइजीरिया पुलिस की इंटरपोल यूनिट ने लगातार निगरानी रखी और गुप्त सूचना के आधार पर अबुजा में उसकी पहचान की। इसके बाद 8 अगस्त 2025 को ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और दाई क़ीशेंग को गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं चीन के बीजिंग स्थित इंटरपोल ऑफिस और नाइजीरिया में मौजूद चीनी दूतावास के सहयोग से उसे 15 अगस्त 2025 को बीजिंग वापस भेजा गया।
यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण है। दुनिया के बढ़ते ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम (Transnational Organized Crime) को रोकने के लिए इस तरह की पुलिस-टू-पुलिस कोऑपरेशन बहुत जरूरी है।
नाइजीरिया पुलिस ने साफ कह दिया है कि उनके देश को कोई भी अपराधी पनाहगाह नहीं बना सकता। चाहे वो किसी भी देश से हो, नाइजीरिया ऐसे अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह सक्षम है।
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ. ओलुकायोडे एडोलु एग्बेटोकुन ने इस ऑपरेशन को नाइजीरिया पुलिस के प्रोफेशनलिज्म और इंटरनेशनल कोऑपरेशन की जीत बताया। उन्होंने कहा: “हम किसी भी ऐसे अपराधी को नाइजीरिया में छिपने नहीं देंगे। इंटरपोल और ग्लोबल इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से हम हर अपराधी को उसके देश वापस भेजने के लिए तैयार हैं।”
बहरहाल इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि अब कोई अपराधी दुनिया में कहीं भी छिप नहीं सकता। इंटरपोल और देशों की पुलिस एजेंसियों का सहयोग वैश्विक अपराधों के खिलाफ बड़ा हथियार बन कर उभर रहा है। इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि यदि कोई देश ठान ले तो वह अपने यहां किसी भी अंतरराष्ट्रीय अपराधी को सुरक्षित नहीं रहने देगा।