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Iran US War Update: जब्त संपत्तियों को लेकर रॉयटर्स की रिपोर्ट पर भड़का ईरान, दावे को बताया बकवास

Iran US War: ईरान ने उसकी जब्त संपत्तियों को लेकर आई रॉयटर्स की रिपोर्ट को बकवास और हास्यास्पद बताया है। तेहरान ने कहा कि वह अपनी संपत्तियों की वापसी और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग पर कोई समझौता नहीं करेगा।
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Updated: 8 Jun 2026, 3:17 PM IST
Iran US War Update
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई। (फाइल फोटो)

Iran US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका भविष्य में ईरान की ओर से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए उसकी जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल अपने क्षेत्रीय सहयोगी देशों की मदद में कर सकता है। इस रिपोर्ट पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह बेतुका और हास्यास्पद करार दिया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के कारण खुद ईरान के पास मुआवजे के बड़े दावे हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने दावों को हर उपलब्ध कानूनी और कूटनीतिक माध्यम से आगे बढ़ाएगा।

क्या है पूरा मामला?

रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका ईरान की जब्त संपत्तियों को खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों के लिए उपलब्ध करा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों को भविष्य में ईरान की ओर से होने वाले किसी संभावित नुकसान या पुनर्निर्माण कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने पर विचार किया जा रहा है।

हालांकि इस संबंध में अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई है।

ईरान ने दिया सख्त जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान की संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर सामने आई खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जब्त संपत्तियों को वापस पाने के मुद्दे पर किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।

बघाई के अनुसार, वर्तमान में जिन समझौतों और वार्ताओं पर चर्चा चल रही है, उनमें ईरान की फ्रीज या जब्त संपत्तियों की वापसी भी एक अहम मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान इस मामले को लेकर अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।

अमेरिका और इजरायल से मुआवजे की मांग

ईरान लंबे समय से अमेरिका और इजरायल से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की मांग करता रहा है। हाल के महीनों में तेहरान ने इस मांग का दायरा बढ़ाते हुए उन खाड़ी देशों को भी इसमें शामिल किया है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में हुए सैन्य संघर्षों और हमलों के कारण उनके देश को भारी आर्थिक और बुनियादी ढांचे का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई की जानी चाहिए।

संपत्तियों की वापसी पर अड़ा तेहरान

ईरान का कहना है कि विदेशों में रोकी गई उसकी संपत्तियां उसकी राष्ट्रीय संपत्ति हैं और उन्हें वापस मिलना चाहिए। तेहरान का दावा है कि किसी तीसरे पक्ष को उसकी संपत्तियों का उपयोग करने का अधिकार नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जब्त संपत्तियों को लेकर विवाद और बढ़ता है तो अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जटिल बने संबंधों में और तनाव आ सकता है। यह मुद्दा भविष्य की किसी भी कूटनीतिक वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है असर

मध्य पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। ऐसे में ईरानी संपत्तियों को लेकर उठे इस विवाद का असर क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी जब्त संपत्तियों की वापसी और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। वहीं, अमेरिका की ओर से इस विषय पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।