विदेश

Iran War: अमेरिका की नजरों में धूल झोंककर ईरान कैसे चीन से खरीद रहा अरबों का सामान, सामने आया बड़ा खेल

US sanctions evasion Iran: मेरिका की सख्ती और हॉर्मुज नाकेबंदी के बावजूद ईरान चीन से अरबों डॉलर का सामान खरीद रहा है। दोनों के बीच डील कैसे होती, इसका पूरा खेल सामने आया है।
2 min read
Sep 10, 2026
Trump Letter to Xi Jinping
चीन-ईरान और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष। (फोटो- AI)

Iran China Barter Trade: अमेरिका की सख्ती और हॉर्मुज में नाकेबंदी के बावजूद ईरान चीन से अरबों डॉलर का सामान ले रहा है। इसमें सिर्फ दवाई या गाड़ी ही नहीं, बल्कि हवाई रक्षा प्रणाली जैसे सैन्य सामान भी शामिल हैं।

रॉयटर्स ने दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों और तीन अन्य जानकारों के हवाले से यह बड़ा खुलासा किया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह काम एक खास तरीके से हो रहा है।

कैसे बिना एक पैसे दिए हो रहा अरबों का सौदा?

ईरान अपना तेल सीधे पैसे में नहीं बेचता। वह चीन को तेल देता है और बदले में चीन से सामान खरीदने के क्रेडिट लेता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल नहीं होता। अमेरिका की नजरों से बचने का यही तरीका है।

चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है। वह ईरान से सस्ता तेल लेता है। 2025 में ईरान के लगभग 80 फीसदी तेल का खरीदार चीन ही था। रोजाना करीब 14 लाख बैरल तेल जा रहा था।

हॉर्मुज बंद होने के बाद नहीं पहुंचा तेल

जुलाई 2025 से हॉर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के बाद चीन के लिए तेल का कोई जहाज सफलतापूर्वक नहीं पहुंचा। फिर भी पुराना तरीका चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह सिस्टम 2021 से शुरू हुआ।

पहले कोविड वैक्सीन और दवाइयों के लिए यह तरीका इस्तेमाल हुआ। अब इसमें गाड़ियां, कम्युनिकेशन उपकरण और कम से कम एक बार एयर डिफेंस सिस्टम के कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं। इन सौदों की कीमत अरबों डॉलर में है।

काम कैसे होता है?

चीनी सरकारी तेल कंपनी झुहाई झेनरोंग के नाम पर एक खरीदार हर महीने करोड़ों डॉलर की रकम चुशिन नाम की एक अज्ञात फर्म में जमा करता है। यह रकम हांगकांग में रजिस्टर्ड एक कंपनी के जरिए आती है, जो ईरान की नेशनल ऑयल कंपनी से जुड़ी है।

चुशिन फिर यह पैसा चीनी कंपनियों को भेजता है जो ईरान में सामान या इंफ्रास्ट्रक्चर का काम करती हैं। करीब 70 फीसदी रकम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जाती है। बाकी एक खास खाते (एसपीवी) में रखी जाती है।

चीनी कंपनियां सीधे ईरान से नहीं करतीं हैं डील

इस खाते को चीन के कॉमर्स मिनिस्ट्री और ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़े लोग संभालते हैं। ईरान की अनुमति मिलते ही पैसा सप्लायर कंपनियों तक पहुंच जाता है। पिछले एक साल में इस खाते से 2 से 2.5 अरब डॉलर का लेनदेन हुआ।

चीनी कंपनियां सीधे ईरान से डील नहीं करतीं। इसलिए ज्यादातर निर्माता प्रतिबंधों की जद में नहीं आते। अमेरिका ने कुछ छोटी चीनी कंपनियों पर कार्रवाई की है, लेकिन बड़े बैंकों और कंपनियों पर पूरी पाबंदी लगाने से बचा है।

Updated on:
10 Sept 2026 03:15 pm
Published on:
10 Sept 2026 03:15 pm