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BRICS समिट से पहले ईरान का भारत पर भरोसा, कहा- मुश्किल वक्त में हमें बहुत स्पोर्ट दिया

India-Iran Relations: ईरान ने ब्रिक्स समिट से पहले भारत से सहयोग की उम्मीद जताई है। ब्रिक्स WBA ईरान की चेयरपर्सन जहरा रहाई ने भारत में अपने डेलीगेशन को मिले सपोर्ट का स्वागत किया और कहा कि….
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भारत

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Saurabh Mall

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Updated: 10 Sep 2026, 3:05 PM IST

IRAN- INDIA

ईरान की BRICS WBA चेयरपर्सन जहरा रहाई (सोर्स- ANI)

BRICS Summit Latest Update: मिडिल-ईस्ट में तनाव के बीच भारत में होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS 2026) पर पूरी दुनिया की नजर है। इस बीच ईरान ने भारत के साथ अपने रिश्तों को लेकर भरोसा जताया है। ईरानी डेलीगेशन समिट में शामिल होने के साथ-साथ भारत के साथ आर्थिक और कारोबारी सहयोग बढ़ाने की तैयारी में है।

ब्रिक्स WBA ईरानी चेयरपर्सन जहरा रहाई ने भारत में मिले समर्थन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारतीय प्रतिनिधियों ने ईरानी डेलीगेशन का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने इसे दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की बात कही।

भारत से महिलाओं के कारोबार को बढ़ावा देने की उम्मीद

जहरा रहाई ने कहा कि ईरान भारत के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाली कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए काम करना चाहता है। इसके लिए एक बेहतर और व्यवस्थित फ्रेमवर्क बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसका मकसद ईरान की महिला उद्यमियों को BRICS देशों में नए मौके दिलाना है। उन्हें फाइनेंस और क्रेडिट तक बेहतर पहुंच मिल सके। साथ ही दूसरे देशों की कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से महिलाओं के कारोबार को सप्लायर्स और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से जोड़ने में मदद मिल सकती है। इससे ईरान के छोटे और नए कारोबारों को भी बड़ा बाजार मिल सकता है।

ईरान ने कहा- ‘मुश्किल समय में भारत की ओर देख रहे हैं’

जहरा रहाई ने भारत और ईरान के पुराने रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभ्यता, भाषा और लोगों के स्तर पर लंबे समय से जुड़ाव रहा है। मौजूदा मुश्किल हालात में ईरान भारत की ओर देख रहा है। इसमें भारत की भूमिका खास हो सकती है। उन्होंने शांति की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सभी देश शांति चाहते हैं, तो मिलकर मुश्किलों का सामना किया जा सकता है।

BRICS के जरिए व्यापार और कनेक्टिविटी पर फोकस

वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी भारत के साथ रिश्तों को अहम बताया। उन्होंने कहा कि ईरान BRICS समिट के मौके का इस्तेमाल भारत के साथ बातचीत आगे बढ़ाने के लिए करेगा। बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के कई अवसर हैं। भारत BRICS और SCO जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समूहों का सदस्य है। ऐसे मंच दोनों देशों के बीच बातचीत को और मजबूत कर सकते हैं।

ईरान की प्राथमिकताओं में कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स भी शामिल हैं। दोनों देश इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। ईरान को उम्मीद है कि BRICS समिट से भारत के साथ आर्थिक रिश्तों को नई गति मिलेगी।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि तनावपूर्ण माहौल के बावजूद ईरान भारत के साथ संवाद और सहयोग को जारी रखना चाहता है। BRICS समिट दोनों देशों के लिए इस रिश्ते को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।