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Middle East Conflict: क्या ईरान-अमेरिका की बातचीत हो रही? ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने बताई सच्चाई

Pakistan Mediation Claims between US-Iran: क्या पाकिस्तान वाकई अमेरिका और ईरान के बीच सुलह करा रहा है? पटना में ईरानी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए अमेरिका की 'ऑयल पॉलिटिक्स' का बड़ा पर्दाफाश किया है। जानें क्या है इस जंग का असली सच!
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Apr 05, 2026
Abdul Majid Hakeem Ilahi
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही (Photo/ANI)

Iran on Hormuz Strait: ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल पर हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। इसके चलते दुनिया भर के कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में कई देशों ने जंग समाप्त कर अमेरिका-इजरायल और ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने की वकालत की है। इसी बीच, दावा किया गया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अब इसको लेकर सच सामने आ गया है।

दरअसल, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस सच से पर्दा उठा दिया है। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता के दावों की पोल खोलते हुए ANI से बातचीत में कहा, इस जंग में पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं। इस्लामाबाद के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत सच नहीं, क्योंकि अमेरिका केवल तेल की कीमतों में वृद्धि को रोकना चाहता था। वे बस कुछ देशों का इस्तेमाल करना चाहते थे। बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान से बातचीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन तेहरान ने इसको लेकर इनकार किया है।

ईरान पर हमले बंद हो तो जंग समाप्त

जंग खत्म करने की संभावना पर किए गए सवाल के जवाब में अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा, यह उन देशों पर निर्भर करता है, जिन्होंने इस जंग की शुरुआत की। अगर ईरान पर हमले बंद हो जाए तो युद्ध समाप्त हो जाएगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में भूमिका निभा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, सभी देश इस जंग को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दुश्मनों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ . अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, इस युद्ध से पहले कोई समस्या नहीं थी। इसका मतलब यह है कि सभी संघर्षों और संकटों की जड़ यही युद्ध है। समस्या यह नहीं है कि ईरान अनुमति देता है या नहीं। यह सुरक्षा का मुद्दा है। कुछ शत्रु देश जो ईरान पर हमला करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट का उपयोग करते हैं , उन्हें अनुमति नहीं है, लेकिन अन्य देशों को आने-जाने की पूरी छूट है। होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के गुजरने को लेकर उन्होंने कहा, हां अब तक कुछ भारतीय जहाज गुजर चुके हैं, और मुझे उम्मीद है कि यह सिलसिला जारी रहेगा।

Updated on:
05 Apr 2026 11:01 pm
Published on:
05 Apr 2026 11:01 pm