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अब ईरान को लेकर ट्रंप पूरी तरह से एक्टिव, ताजा मौत की घटनाओं को लेकर हमले पर उतारू हो जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति!

Iran Protest: ईरान में गंभीर आर्थिक संकट, मुद्रा गिरावट और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शनकारी खामेनेई शासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। हिंसा में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत और 1200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।
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Updated: 6 Jan 2026, 10:42 AM IST
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ईरान को ट्रंप की चेतावनी (ANI/Patrika Graphic)

Economic Crisis in Iran: ईरान में आर्थिक संकट और मुद्रा गिरावट के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब और जोर पकड़ चुके हैं। अमेरिका स्थित HRANA के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या कम से कम 35 तक पहुंच गई है, जबकि 1200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रदर्शन रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। एजेंसी ने बताया कि मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं। इस मामले में रजा पहलवी का भी बयान सामने आया है।

रजा पहलवी का बयान

निर्वासित शाहजादे रजा पहलवी ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि ईरान को संकट से निकालना और देश को एकजुट करना है। उन्होंने जोर दिया कि सत्ता परिवर्तन होने पर राजनीतिक-सामाजिक अस्थिरता को संभालना और दमन के घाव भरना सबसे जरूरी होगा। पहलवी के मुताबिक, ईरान का भविष्य ईरानी जनता को तय करना चाहिए। उन्होंने मौजूदा आंदोलन को 'ऐतिहासिक मोड़' बताया।

ईरान को ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान में जारी प्रदर्शनों के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का उपयोग करने पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि यदि ईरानी अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर या हिंसक तरीके से हत्या की, जो उनकी पुरानी आदत है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके बचाव में आएगा और स्थिति पर करीब से नजर रखते हुए मजबूत कार्रवाई करेगा, क्योंकि अमेरिका "लॉक्ड एंड लोडेड" है। यह चेतावनी आर्थिक संकट से उपजे देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच आई है, जहां अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रदर्शन की मुख्य वजह

प्रदर्शन की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई, जहां दुकानदारों ने ऊंची कीमतों और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ हड़ताल की। इसके बाद यह पूरे देश में फैल गया। ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है ब्लैक मार्केट में 1 डॉलर की कीमत करीब 1.4 मिलियन रियाल (या 140,000 तोमान) तक हो गई है।

महंगाई दरों में 42% की बढ़ोतरी

महंगाई दर दिसंबर 2025 में 42% से ऊपर पहुंच गई, जबकि खाद्य सामग्री की कीमतें सालाना आधार पर 70% से अधिक बढ़ी हैं। एक ईरानी महिला ने मीडिया को बताया कि पहले 1 किलो चावल की कीमत 0.6 डॉलर थी, जो अब 2.5 डॉलर से अधिक हो गई है यानी भारतीय रुपयों में करीब 60 रुपये से बढ़कर 250 रुपये प्रति किलो।

खामेनेई शासन के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei ) के शासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई जगहों पर 'जाविद शाह' (शाह अमर रहें) के नारे सुनाई दे रहे हैं, जो निर्वासित शाहजादे रजा पहलवी (Reza Pahlavi) के राजवंश की वापसी का संकेत देते हैं। यह प्रदर्शन 2022 में महसा अमिनी की हिरासत में मौत के बाद हुए देशव्यापी आंदोलन के बाद सबसे बड़ा है, हालांकि अभी उतना तीव्र नहीं हुआ है।

ब्रिटिश सांसद प्रीति पटेल

हम निरंकुश और दमनकारी ईरानी शासन के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे बहादुर ईरानियों के साथ खड़े हैं। हम क्रूर कैद में रखे गए ब्रिटिश नागरिक लिंडसे और क्रेग फोरमैन की तत्काल रिहाई की भी मांग करते हैं।

Updated on:
6 Jan 2026, 10:42 AM IST
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