ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने अमेरिका पर केशम आइलैंड के मीठे पानी के डीसेलिनेशन प्लांट पर हमला करने का आरोप लगाया है। अरघची ने अमेरिका के इस कृत्य को घिनौना अपराध बताया है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके कृत्य को घिनौना अपराध बताया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने 'X' पर लिखा- केशम आइलैंड पर मीठे पानी के डीसेलिनेशन प्लांट पर हमला करके अमेरिका ने एक घिनौना और बड़ा अपराध किया है। डीसेलिनेशन प्लांट पर हमले से 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक खतरनाक कदम है, इसके गंभीर परिणाम होंगे। यह मिसाल अमेरिका ने कायम की है, ईरान ने नहीं। अरघची के इस बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान को गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा था कि ईरान को बहुत बुरी तरह नुकसान पहुंचाया जाएगा, क्योंकि तेहरान ने हाल ही में नागरिक स्थलों को निशाना बनाया था।
सैयद अब्बास अरघची के आरोप लगाने से पहले अमेरिका ने ईरान को बड़े हमले की धमकी दी थी। यह धमकी ईरान द्वारा पड़ोसी अरब देशों से माफी मांगने के बाद दी गई थी, जब राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि देश के पड़ोसियों को तब तक निशाना नहीं बनाया जाएगा, जब तक कि हमला उनके क्षेत्र से न हों। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा था- आज ईरान पर बहुत जोरदार प्रहार किया जाएगा। ईरान के दुर्व्यवहार के कारण, पूर्ण विनाश और निश्चित मृत्यु के लिए उन क्षेत्रों और लोगों के समूहों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिन्हें अब तक निशाना बनाने के लिए सोचा नहीं गया होगा।
ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांगी है और लगातार दबाव के बाद उनके खिलाफ आगे के हमलों को रोकने का वादा किया है। उन्होंने आगे लिखा था कि ईरान, जिसकी जमकर पिटाई हो रही है। उसने अपने मध्य पूर्व के पड़ोसियों से माफी मांगी है और उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और वादा किया है कि वह अब उन पर गोली नहीं चलाएगा। यह वादा अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण ही किया गया था। वे मध्य पूर्व पर कब्जा करके शासन करना चाहते थे। हजारों वर्षों में यह पहली बार है कि ईरान को अपने आसपास के मध्य पूर्वी देशों से हार का सामना करना पड़ा है।
ट्रंप ने दावा किया था कि क्षेत्रीय नेताओं ने वाशिंगटन की गई कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है। ट्रंप ने लिखा कि क्षेत्रीय नेताओं ने कहा- धन्यवाद राष्ट्रपति ट्रंप। इस पर मैनें कहा कि आपका स्वागत है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दादा नहीं रहा है, बल्कि वह मिडिल ईस्ट का हारा हुआ देश है और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा। जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या अधिक संभावना है कि वह पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाता।
अमेरिका की धमकी से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने 'X' पोस्ट पर मांफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था कि ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले निलंबित करने को मंजूरी दे दी है, बशर्ते ईरान पर हमला उन देशों की ओर से न हो। राष्ट्रपति मसूद ने आगे कहा था कि मैं व्यक्तिगत रूप से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं, जो ईरान की कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। मांफी मांगने के बाद कहा था कि इस्लामिक गणराज्य ईरान ने हमेशा अच्छे पड़ोसी संबंधों और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए पारस्परिक सम्मान के आधार पर क्षेत्रीय सरकारों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को बनाए रखने और मजबूत करने पर जोर दिया है। हालांकि, यह संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा सैन्य आक्रमण के खिलाफ खुद का बचाव करने के ईरान के अंतर्निहित अधिकार को नकारता नहीं है। हम अपने देश की रक्षा में अंतिम सांस तक दृढ़ रहेंगे और प्रतिरोध करेंगे।