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‘बहुत कम लोगों ने उन्हें देखा है’, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से आज तक नहीं मिले ईरान के विदेश मंत्री, ऐसा क्यों?

Iran War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा खुलासा किया है। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से उन्होंने खुद मुलाकात नहीं की।
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Jul 19, 2026
Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई। (फोटो- IANS)

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, ईरान में सत्ता की सबसे ऊंची कुर्सी संभालने के बाद भी सैयद मोजतबा आम लोगों की नजर से दूर हैं।

इस पर अराघची से पूछे जाने पर खुलकर कहा कि उन्होंने खुद आज तक नए लीडर से मुलाकात नहीं की है। बहुत कम लोगों को ही उनकी मुलाकात का मौका मिला है। यह खुलासा ईरान की मौजूदा स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।

नए लीडर की गोपनीयता क्यों?

अराघची ने मेहर चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि सुरक्षा एजेंसियां नए सुप्रीम लीडर की सार्वजनिक उपस्थिति बढ़ाने के खिलाफ सलाह दे रही हैं। सुरक्षा को लेकर चिंताएं इतनी ज्यादा हैं कि उनकी छवि और गतिविधियां सीमित रखी जा रही हैं।

पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मार्च 2026 में मोजतबा को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। उस वक्त अमेरिका-इजराइल हमलों का दौर चल रहा था।

कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि मोजतबा भी उन हमलों में घायल हुए थे। इसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। सिर्फ लिखित संदेश जारी होते रहे, जो टीवी पर पढ़कर सुनाए जाते हैं।

अराघची का भरोसा जताया

विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि नए लीडर देश के हर मामले पर पूरी पकड़ रखे हुए हैं। उन्होंने कहा- मोजतबा खामेनेई अब इस्लामिक रिपब्लिक के लीडर हैं। देश की घटनाओं में उनकी भूमिका बहुत करीबी और प्रभावशाली है। वे पूरे मामलों पर नियंत्रण रखते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुराने लीडर के प्रति जो वफादारी और आज्ञाकारिता थी, वही नये लीडर के प्रति भी बरकरार है। संचार लगातार बना हुआ है और उनके निर्देश समय पर पहुंचकर लागू हो रहे हैं।

राष्ट्रपति की मुलाकात का दावा

इस बीच राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन ने कहा है कि उन्होंने नए लीडर से लंबी मुलाकात की। उन्होंने मुलाकात को सादगी, विनम्रता और विश्वास भरा बताया। लेकिन विदेश मंत्री के बयान से लगता है कि टॉप लेवल पर भी पहुंच सीमित है। यह ईरान के अंदरूनी तंत्र की मजबूती दिखाता है, जहां सिस्टम व्यक्ति पर नहीं टिका है।

ईरान के सामने कई चुनौती

ईरान इस समय कई मोर्चों पर दबाव में है। अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। अराघची ने कई देशों के दौरे किए और शोक सभाओं में हिस्सा लिया।

नए लीडर की कम दिखाई देने वाली उपस्थिति कुछ लोगों को कमजोरी का संकेत लग रही है, लेकिन अधिकारी इसे सुरक्षा जरूरत और सिस्टम की ताकत बता रहे हैं। ईरान की सेना और संस्थाएं पूरी तरह सक्रिय बताई जा रही हैं।

Updated on:
19 Jul 2026 06:19 pm
Published on:
19 Jul 2026 06:19 pm