
Iraq Kurdish Headquarters Attack: मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और एक अदद चिंगारी ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी है। शुक्रवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक साथ कई देशों की संप्रभुता को चुनौती देते हुए अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक हवाई हमला बोल दिया। ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा अपने विरोधी गुटों को निशाना बनाया है। इस भीषण कार्रवाई में कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग मलबे में दबे हैं। दूसरी तरफ, इजरायल ने भी जवाबी आक्रामक रुख अपनाते हुए दक्षिणी लेबनान पर हवाई हमलों की झड़ी लगा दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल घने हो गए
हैं।
इराक के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र कुर्दिस्तान के सुलेमानिया और एरबिल शहर शुक्रवार की सुबह धमाकों की आवाज से गूंज उठे। स्थानीय मीडिया नेटवर्क 'रुदाव टीवी' के अनुसार, ईरान ने इस बार केवल मिसाइलें ही नहीं, बल्कि खतरनाक 'कामीकाजे' (आत्मघाती) ड्रोनों से हमला किया। यह हमला सीधे तौर पर ईरान के निर्वासित कुर्द विपक्षी गुट 'कोमाला' के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया था।
चश्मदीदों के मुताबिक, मिसाइल गिरते ही कैंपों में भीषण आग लग गई। एम्बुलेंस और राहत बचाव कर्मी मौके पर तैनात हैं। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस पर चुप्पी साधे रखी है, लेकिन कुर्द अधिकारियों का साफ कहना है कि इस खूनी खेल के पीछे तेहरान का हाथ है। ईरान लंबे समय से इन कुर्द गुटों पर अपने देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाता रहा है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के हवाले से आईआरजीसी (IRGC) ने जो दावा किया है, उसने वाशिंगटन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक के होश उड़ा दिए हैं। ईरान का दावा है कि उसकी नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर स्थित अमेरिकी नौसेना के फ्यूल सपोर्ट पियर (ईंधन आपूर्ति केंद्र) को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसके साथ ही कुवैत में अमेरिकी सिग्नल्स और टेलीकम्युनिकेशन सेंटर को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया है।
तबाही का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। ईरान ने बहरीन में स्थित 'शेख ईसा एयर बेस' पर भी ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जहां अमेरिकी युद्धक विमानों का जमावड़ा रहता है। ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी इंटेलिजेंस डेटा सेंटर (बैटेलको) को भी नेस्तनाबूद करने का दावा किया है। इन हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) हाई अलर्ट पर है।
एक तरफ जहां ईरान ने चौतफा मोर्चा खोल रखा है, वहीं इजरायली वायुसेना के घातक लड़ाकू विमानों ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से को निशाना बनाया है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक, इजरायली जेट विमानों ने तड़के दो बड़े हमलों में 'माशा अल-मंसूरी' इलाके को निशाना बनाया। आसमान से बरसते बारूद के कारण सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हैं।