डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत हो गया है और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि ईरान ने सीधे वार्ता से इनकार किया है। इस बीच मध्यस्थता की कोशिशें तेज हैं और क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है।
Donald Trump On Iran-Israel-America War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार बात थोड़ी अलग है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाने पर राजी हो गया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और ईरान समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका की सबसे पहली शर्त यही थी कि ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा, और अब इस पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि ईरान की तरफ से नहीं की गई है।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। ट्रंप ने एक और बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ने इस टकराव में जीत हासिल कर ली है। उनका कहना था कि ईरान की नेवी, एयरफोर्स और रडार सिस्टम अब प्रभावी नहीं रहे। यहां तक कि उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमान तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और अमेरिका जो चाहे, वह कर सकता है। ,लेकिन दूसरी तरफ तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। यानी दोनों देशों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, जिससे स्थिति और उलझी हुई लगती है।
इस बीच एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से ईरान पर दबाव बनाए रखने और हमले जारी रखने की बात कही थी। इससे साफ होता है कि इस पूरे मामले में क्षेत्रीय राजनीति भी गहराई से जुड़ी हुई है। ट्रंप ने यह भी बताया कि हाल की बातचीत में करीब 15 मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन इन मुद्दों की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिन के लिए टाल दिया है। इससे पहले अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे की चेतावनी दी थी।
वहीं, कुछ देश इस तनाव को कम करने की कोशिश में लगे हुए हैं। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में ट्रंप से बातचीत भी की है।