
Tehran Blast: मध्य पूर्व में अमन कायम करने की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पिछले दो महीनों से जारी युद्धविराम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। इजरायली सेना की ओर से ईरान के अंदर किए गए सिलसिलेवार हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान, तब्रीज और इस्फहान जैसे प्रमुख शहर जबरदस्त धमाकों से दहल उठे हैं।
चश्मदीद गवाहों के मुताबिक, तेहरान में हुआ धमाका इतना जोरदार था कि वहां स्थित विदेश मंत्रालय की इमारत तक हिल गई। दोनों देशों ने एक बार फिर एक-दूसरे की धरती को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिये दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा, इजराइल और ईरान को तुरंत गोलीबारी बंद करनी चाहिए। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में आगाह किया कि इस तरह के सैन्य हमलों से शांति की रही-सही उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी। उन्होंने तेहरान को नसीहत दी कि उन्हें हर हाल में बातचीत की मेज पर वापस लौटना होगा और कोई कूटनीतिक समझौता करना होगा।
अपने एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि वाशिंगटन और ईरान के बीच जो भी बातचीत या समझौता होगा, उसे इजराइल को हर हाल में स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा, "सभी कूटनीतिक फैसले मैं लेता हूं।" इसके साथ ही ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर कहा कि उनके पास अमेरिकी फैसलों को मानने के अलावा 'कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।' एक अन्य बातचीत में ट्रंप ने इजराइल को जवाबी कार्रवाई न करने की सलाह देने की बात भी कही।
इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की तरफ से दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। अप्रैल के बाद यह अपनी तरह का पहला बड़ा आमने-सामने का हमला है। इजरायल के सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले कुछ घंटों या दिनों के अंदर ईरान पर बेहद "शक्तिशाली" और विनाशकारी पलटवार कर सकते हैं। ईरान ने भी दो टूक कहा है कि अगर लेबनान में इजरायल का सैन्य अभियान बंद नहीं हुआ, तो ईरान अपने हमलों की तीव्रता और बढ़ा देगा। गौरतलब है कि रविवार को इजरायल ने बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए थे।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह आक्रामक रुख यह दिखाता है कि अमेरिका अब इस युद्ध में सीधे तौर पर उलझने के मूड में नहीं है। हालांकि, ट्रंप की ओर से इजराइली पीएम नेतन्याहू को 'विकल्पहीन' बताना इजरायल के भीतर राजनीतिक हलचल पैदा कर सकता है।
तेहरान में विदेश मंत्रालय के पास हुए धमाके के बाद ईरान सरकार ने अपनी वायु सेना को हाई अलर्ट पर रख दिया है। वाशिंगटन और यूरोपीय देशों के राजनयिक इस समय युद्धविराम दुबारा लागू कराने के लिए परदे के पीछे से बातचीत की कोशिशों में जुटे हुए हैं।