Iran military response: ईरान के सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वार्ता और शांति के दावों को 'रणनीतिक पराजय' बताया और कहा कि अपनी पराजय को 'समझौता' का नाम मत दीजिए। आपके वादों का युग समाप्त हो चुका है।
Iran vs Israel-US Conflict: ईरान के सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध समाप्त होने वाला है। बुधवार को एक मीडिया पोस्ट में साझा किए गए वीडियो में सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति उस स्तर तक पहुंच गई है, जहां अमेरिकी आपस में ही बातचीत कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा, 'जिस रणनीतिक शक्ति का आप कभी बखान करते थे, वह अब रणनीतिक पराजय में बदल गई है। अपनी पराजय को 'समझौता' का नाम मत दीजिए। आपके वादों का युग समाप्त हो चुका है। आज दुनिया में दो मोर्चे हैं- सत्य और असत्य। कोई भी स्वतंत्रता-प्रेमी सत्य की खोज करने वाला आपके मीडिया प्रचार के झांसे में नहीं आएगा। आपके आंतरिक संघर्ष इस हद तक बढ़ चुके हैं कि आप आपस में ही बातचीत कर रहे हैं। इस क्षेत्र में आपके निवेश की कोई बात नहीं होगी, और न ही आप ऊर्जा और तेल की पुरानी कीमतें फिर कभी देख पाएंगे, जब तक यह नहीं समझ लेते कि इस क्षेत्र में स्थिरता केवल हमारी सशस्त्र सेनाओं की शक्तिशाली पकड़ से ही सुनिश्चित की जा सकती है।'
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ईरानी सेना कभी भी अमेरिकी-इजरायली सेनाओं के साथ समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'सत्ता के बल पर स्थिरता। हम स्पष्ट रूप से घोषणा करते हैं कि जब तक हम नहीं चाहेंगे, कोई भी स्थिति अपने पूर्ववत नहीं होगी। यह इच्छा तभी स्थापित होगी जब ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई का विचार आपके घृणित मन से पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। पहले दिन से ही हमारा पहला और अंतिम वचन रहा है, है और रहेगा। हम जैसे लोग आप जैसे लोगों से कभी समझौता नहीं करेंगे- न अभी, न कभी।'
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और युद्ध समाप्त होने वाला है। हालांकि, ट्रंप के इस नए प्रस्ताव पर ईरान की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
ईरान ने मंगलवार को अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि शांति तभी संभव है जब अमेरिका-इजरायल अपना अभियान बंद कर दें। ईरानी सेना द्वारा जवाबी हमलों की 80वीं लहर शुरू होने के बावजूद, पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं।