Conflict:ईरान की रिवोल्युशनरी गार्ड्स ने इराक के इरबिल में बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमला किया है। इस हमले में इजराइली जासूसी एजेंसी मोसाद के मुख्यालय को निशाना बनाने का दावा किया गया है, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई।
Escalation: ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब खूनी संघर्ष (Iran-Israel Conflict) में तब्दील होता दिख रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधी रात को इराक के इरबिल शहर पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles) दाग कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरान का दावा है कि इस हमले में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad Spy Agency) के रणनीतिक मुख्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। इस हमले की जद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के पास का इलाका भी आया है। इस भीषण कार्रवाई (Military Escalation) में एक अरबपति कारोबारी समेत 4 निर्दोष लोगों की जान चली गई है।
ईरान की सेना ने यह बात साफ कर दी है कि यह हमला उन आतंकी साजिशों का जवाब है, जो ईरान की धरती पर हाल ही में हुए बम धमाकों के पीछे थीं। मिसाइलों ने इरबिल के उस पॉश इलाके को निशाना बनाया, जहां कथित तौर पर इजराइली जासूस अपनी गतिविधियां चला रहे थे। धमाके इतने जोरदार थे कि कई किलोमीटर दूर तक खिड़कियों के कांच टूट गए। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पड़ोसी मुल्क में घुसकर भी प्रहार करने से पीछे नहीं हटेगा।
इस हमले में सबसे बड़ा नुकसान कुर्दिस्तान के मशहूर रियल एस्टेट टाइकून पेशराव दिज़ायी को हुआ है। हमले के वक्त वे अपने परिवार के साथ घर पर थे। ईरानी मिसाइल सीधे उनके आवास पर गिरी, जिससे दिज़ायी और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। इराक सरकार ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ईरान ने रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है।
मिसाइल हमले के दौरान इरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस के पास भी सायरन बजने लगे। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनका कोई भी प्रतिष्ठान प्रभावित नहीं हुआ है। इस बीच, आसमान में संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद एयर डिफेंस सिस्टम ने 4 इजराइली ड्रोन्स को मार गिराया। क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए इरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन तुरंत रोक दिया गया। इराक ने ईरान के इस हमले को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है और तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला किया है। वहीं, अमेरिका ने इसे "गैर-जिम्मेदाराना" हरकत करार देते हुए ईरान की आलोचना की है।
हमले के बाद ईरान-इराक सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इराक अब इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ले जाने की तैयारी कर रहा है। आने वाले दिनों में इजराइल की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। यह हमला मध्य-पूर्व में चल रहे गाजा युद्ध के व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने का एक बड़ा संकेत है। ईरान अब सीधे तौर पर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर अमेरिका और इजराइल को सीधी चुनौती दे रहा है।