
Middle East Conflict: ईरान ने बुधवार को इराक के उत्तरी एरबिल प्रांत में ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों के ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया। एक पेशमर्गा कमांडर के हवाले से बताया गया कि इन हमलों में एरबिल प्रांत की अलामा घाटी में कोमाला पार्टी और कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ईरान (KDPI) के लड़ाकों को निशाना बनाया गया। अभी तक इस हमले में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रांत के सोरान, खलीफान और बनी हरीर में ईरान के चार ड्रोन गिरे । स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया गया कि दो ड्रोन खलीफान के एक गांव के पास गिरे, सोरान में एक रिहायशी घर से टकराया और चौथा बनी हरीर पर्वत पर गिरा, जिससे आसपास के क्षेत्र में आग लग गई।
पेशमर्गा स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की सैन्य शक्ति के तौर पर काम करते हैं, जबकि कोमाला पार्टी और KDPI ईरानी कुर्द विपक्षी समूह हैं, जिनका मुख्यालय उत्तरी इराक के सीमावर्ती इलाके में है। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ हालिया युद्ध के दौरान दुनिया के सामने खुद को एक ‘मजबूत और अजेय शक्ति’ के तौर पर साबित किया और आखिरकार दुश्मन को बातचीत के लिए मजबूर किया।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय में कूटनीति और स्वास्थ्य के बीच सहयोग और तालमेल पर आयोजित बैठक में अरागची ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान के सशस्त्र बलों ने बड़ी कुर्बानियां दीं। ISNA के अनुसार, अरागची ने कहा, “हमारे सशस्त्र बलों ने अपनी जान की बाजी लगाई और दुनिया की सबसे बड़ी दिखने वाली सेना को हराया। यह कोई नारा नहीं है, यह एक सच्चाई है, जिसे पूरी दुनिया मानती है।
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने दूसरे देशों के अधिकारियों से सुना है कि ईरान ने अपने प्रतिरोध के जरिए पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। कूटनीति के मामले में अरागची ने कहा कि ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा करना जानता है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों ने उनसे कहा, आपने युद्ध जीता, आपने कूटनीति भी जीती।