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डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान ने परमाणु निरीक्षण स्वीकार किया, ईरान ने कहा- ट्रंप का दावा गलत, बातचीत जारी है

Donald Trump ने कहा कि ईरान ने परमाणु निरीक्षण स्वीकार किया है और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा। ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए वार्ता में मतभेद की बात कही।
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Jun 23, 2026
US Senate Iran resolution
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)

Iran Nuclear Inspections: मिडिल ईस्ट जारी तनाव और कूटनीतिक बातचीत के बीच एक बार फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरान ने अपने परमाणु ढांचे पर सबसे उच्च स्तर की लंबी अवधि की निगरानी को स्वीकार कर लिया है। लेकिन ईरान ने इस बयान को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि ऐसी किसी सहमति का कोई आधार नहीं है।

ईरान ने परमाणु निरीक्षण स्वीकार किया

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त और व्यापक निगरानी मान ली है। उन्होंने इसे अमेरिका की कूटनीतिक जीत के रूप में पेश किया। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इसके उलट उनके विरोध और झूठे बयानों के बावजूद, और साथ ही फेक न्यूजे के शोर-शराबे के बावजूद जो अमेरिकी जीत को जितना हो सके छोटा और मामूली दिखाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।

ईरान भविष्य में लंबे समय तक सबसे ऊंचे स्तर के न्यूक्लियर इंस्पेक्शन के लिए पूरी तरह से सहमत हो गया है। इससे न्यूक्लियर ईमानदारी पक्की होगी। अगर वे इसके लिए सहमत नहीं होते, तो आगे कोई बातचीत नहीं होती

होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा फैसला

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने का निर्णय लिया है और नौसैनिक रोक को फिलहाल स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा, 'इस बात और ईरान की तरफ से दी जा रही दूसरी अहम रियायतों को देखते हुए, मैंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और आगे कोई नौसैनिक नाकेबंदी न करने पर सहमति दे दी है। अगर नाकेबंदी को फिर से लागू करने की जरूरत पड़ी, तो सभी जहाज़ अपनी जगह पर ही मौजूद रहेंगे, अभी ऐसा होने की संभावना बहुत कम लग रही है।'

ईरान का पलटवार दावों से इनकार

ईरान ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परमाणु साइट पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने कहा, 'हमारी IAEA के महानिदेशक के साथ कोई बैठक नहीं हुई है, और न ही हमारी ऐसी कोई योजना है कि एजेंसी ईरान के उन परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करे जिन्हें अमेरिका और जायोनी सैन्य हमले से नुकसान पहुंचा है।' ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अली बहरेनी ने भी अमेरिकी दावों को गलत बताया और कहा कि दोनों देशों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।

आर्थिक प्रतिबंध और शर्तें

ट्रंप ने आर्थिक राहत को लेकर भी सख्त शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी धन या प्रतिबंधों में ढील पूरी तरह अमेरिकी नियंत्रण में होगी। US ट्रेजरी जो पैसे या प्रतिबंधों से जुड़ी राहत जारी कर रही है, वह एक एस्क्रो खाते में जाएगी जिसे अमेरिका कंट्रोल करेगा। इसका इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका से ही खाने-पीने की चीजें और मेडिकल सप्लाई खरीदने के लिए किया जाएगा, जिसमें हमारे बेहतरीन अमेरिकी किसानों से मक्का, गेहूं और सोयाबीन की खरीद भी शामिल है।

Updated on:
23 Jun 2026 06:44 pm
Published on:
23 Jun 2026 06:44 pm