चीन ने अमेरिका के ईरान पर टैरिफ लगाने के फैसले का विरोध किया है। चीनी प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल और बल का इस्तेमाल गलत है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका के रवैये पर चीन बौखला उठा है। उसने अमेरिका द्वारा अंधाधुंध टैरिफ लगाए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई है। इसे पूरी तरह से गलत करार दिया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा- चीन लगातार दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल का विरोध करता है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के इस्तेमाल या धमकी का विरोध करता है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए और ज्यादा करेंगे।
बता दें कि ईरान में भारी प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को वहां से तुरंत निकलने को कहा है। व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि साइबर युद्ध और मनोवैज्ञानिक युद्ध सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। इस पर ही चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन ईरान को राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने में उम्मीद और समर्थन करता है।
दूसरी ओर, अमेरिका में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए 25 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले की आलोचना की है। चीन ने कहा कि वह किसी भी गैर-कानूनी एकतरफा प्रतिबंधों और किसी के क्षेत्राधिकार में जबरन दखलंदाजी का विरोध करता है।
प्रवक्ता ने एक्स पर कहा- अंधाधुंध टैरिफ लगाए जाने के खिलाफ चीन का रुख स्पष्ट है। टैरिफ युद्ध और व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता। जबरदस्ती और दबाव से समस्याएं हल नहीं हो सकतीं।
प्रवक्ता ने आगे कहा- चीन किसी भी गैर-कानूनी एकतरफा प्रतिबंधों और लॉन्ग-आर्म ज्यूरिस्डिक्शन का कड़ा विरोध करता है। वह अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ व्यापार करने वालों पर अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ लगा रहा है, यह तुरंत प्रभावी होगा।