Strait of Hormuz Blockade: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि तेहरान की फिलहाल बातचीत के अगले दौर की कोई योजना नहीं है। प्रवक्ता के इस बयान से राजनयिक गतिरोध और गहराता जा रहा है।
Iran Foreign Ministry Statement: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों में बीच शांति की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। सरकारी मीडिया तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि तेहरान की फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत के अगले दौर की कोई योजना नहीं है। युद्धविराम की समय सीमा से पहले इस्लामाबाद वार्ता की खबरों के बीच ईरान का बयान सामने आया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोमवार को कहा कि तेहरान की फिलहाल बातचीत के अगले दौर की कोई योजना नहीं है। प्रवक्ता के इस बयान से राजनयिक गतिरोध और गहराता जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा माहौल सार्थक बातचीत के लिए अनुकूल नहीं है।
इस कड़े रुख को और स्पष्ट करते हुए ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अल जजीरा से कहा है कि राजनयिक वार्ताओं में तेहरान की भागीदारी पूरी तरह से राष्ट्रीय हित और सुरक्षा पर आधारित है। इस्लामाबाद में होने वाली आगामी वार्ताओं में भाग लेने की संभावना पर बोलते हुए अजीजी ने कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों के आधार पर कार्य करता है और देश के हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह करने के लिए तैयार है।
वरिष्ठ सांसद और पूर्व आईआरजीसी कमांडर ने राजनयिक प्रक्रिया को देश के सैन्य प्रयासों का सीधा विस्तार बताया। उन्होंने कहा कि हम मौजूदा वार्ता को युद्धक्षेत्र की निरंतरता के रूप में देखते हैं। इसमें हमें युद्धक्षेत्र के अलावा कुछ और नहीं दिखता। अजीजी ने आगे स्पष्ट किया कि वार्ता को तभी अवसर माना जा सकता है, जब इससे ऐसी उपलब्धियाँ प्राप्त हों जो युद्धक्षेत्र की उपलब्धियों को बरकरार रखें। चेतावनी दी कि ऐसा तब नहीं होगा जब अमेरिकी इसे अपनी दादागिरी वाली नीति के आधार पर अत्यधिक मांगों का मैदान बनाने का इरादा रखते हैं।"
वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी रखने का निर्णय लिए जाने की पुष्टि करते हुए समिति प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ किसी भी कीमत पर बातचीत करना नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान ने कुछ सीमाएं निर्धारित की हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए और संकेत दिया कि इस्लामाबाद में राजनयिक दल भेजना अमेरिकी पक्ष से रचनात्मक प्रतिक्रिया और सकारात्मक संकेत प्राप्त होने पर निर्भर करता है।