
लेबनान में इजराइल के खतरनाक हमलों के बाद ईरान ने बड़ी घोषणा कर दी है। उसने साफ कह दिया है कि वह किसी भी कीमत पर लेबनान का साथ नहीं छोड़ेगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने लेबनान में हमले के बाद आधिकरिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि लेबनान पर इजराइल के हमले अमेरिका के साथ हुए संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन हैं और इससे बातचीत खराब हो जाएगी।
पेजेश्कियन ने आगे कहा कि ईरान लेबनान के लोगों का साथ नहीं छोड़ेगा। उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब इजराइल ने पिछले महीने हिज्बुल्लाह के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान पर बुधवार को सबसे भीषण हमले किए। इसमें 200 से ज्यादा लोगों की जान चली है।
ईरानी राष्ट्रपति के ताजा बयानों से साफ संकेत मिलता है कि उनकी और अमेरिका के बीच लेबनान को लेकर भी डील हुई थी। हालांकि, अमेरिका और इजराइल ने खुलकर कह दिया है कि युद्धविराम के समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे।
लेबनान के लिए बुधवार का दिन सबसे ज्यादा खून-खराबे वाला रहा। लगभग छह हफ्ते पहले अमेरका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ था। हालांकि, अब ईरान के साथ युद्धविराम हो चुका है, लेकिन लेबनान पर हमले जारी हैं।
इजराइल ने गुरुवार को दावा किया कि उसने हिज्बुल्लाह के चीफ नईम कासिम के एक सहयोगी को भी मार गिराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक दिन पहले कहा था कि लेबनान पर इजराइल के हमले ईरान से अलग हैं।
इस ताजा हिंसा ने सीजफायर के दायरे को लेकर बड़ी असहमति और भ्रम को उजागर किया है। इससे इस बात का डर पैदा हो गया है कि स्थायी समाधान के लिए बातचीत शुरू होने से पहले ही यह सीजफायर टूट सकता है।
लेबनान के सूचना मंत्री पॉल मोरकोस ने कैबिनेट बैठक के बाद लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की टिप्पणियां साझा की हैं। जिसमें राष्ट्रपति ने कहा कि लेबनान इस बात का दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है कि उसे अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम में शामिल किया जाए।
राष्ट्रपति की ओर से यह भी कहा गया है कि लेबनान अपने सहयोगियों के संपर्क में है और संघर्ष-विराम तथा बातचीत की बहाली की मांग कर रहा है। देश राज्य लेबनान भर में इजराइल द्वारा की गई सभी आक्रामक कार्रवाइयों की निंदा करता है।