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Israel-Lebanon War: मस्जिद के बाहर खड़े नमाजियों पर गिरा खतरनाक ड्रोन, इजराइली हमले में 4 की मौत, 11 घायल

Israel Lebanon war: इजराइली ड्रोन ने लेबनान में जुमे की नमाज के बाद मस्जिद से निकल रहे लोगों पर हमला किया। इसमें दो नमाजियों समेत 4 लोगों की मौत हुई है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 03, 2026

ड्रोन हमला। (फोटो- The Washington Post)

Israel-Lebanon Attack: इजराइली ने लेबनान पर शुक्रवार को ड्रोन से एक और खतरनाक हमला किया है। इसमें चार लोगों की जान चली गई है। इजराइली ड्रोन ने उन लोगों को भी निशाना बनाया, जो शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।

लेबनान नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइली हमलों में दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए हैं।

कहां-कहां कितने लोगों की हुई मौत

पश्चिमी बेका के शहर सहमार में एक ड्रोन हमले में मस्जिद से निकल रहे नमाजियों को निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।

कलाविया में भी अलग से हमले की खबरें मिलीं हैं, जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा, नबातीह जिले के याहमार अल-शकीफ में भी एक और व्यक्ति के मारे जाने की खबर है।

मस्जिद के बाहर हमला, यह इत्तेफाक नहीं था

सहमार का हमला इसलिए और ज्यादा दर्दनाक है क्योंकि निशाना वो लोग बने जो इबादत करके निकल रहे थे। जुमे की नमाज इस्लाम में सबसे अहम नमाजों में से एक मानी जाती है और उस वक्त मस्जिदों के बाहर लोगों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है।

जानकारों का कहना है कि इजराइल इस वक्त लेबनान में उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जहां उसे हिजबुल्लाह से जुड़े लोगों की मौजूदगी का शक है। लेकिन इन हमलों में आम नागरिक भी बार-बार मारे जा रहे हैं।

लेबनान में इजराइली हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा

पिछले काफी वक्त से इजराइल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है। हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच जो तनाव है वो अब सीधे लेबनान की आम जनता पर टूट रहा है। गांव हों या शहर, मस्जिद हो या बाजार, ड्रोन हर जगह पहुंच रहे हैं।

लेबनान एक छोटा सा देश है जो पहले से ही आर्थिक तंगी और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। ऊपर से यह लगातार हमले उसकी कमर तोड़ रहे हैं। अस्पताल भरे हुए हैं, लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं और मरने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है।

यह हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता तो पैदा कर रहे हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। संयुक्त राष्ट्र से लेकर अरब देशों तक सब बयान देते हैं लेकिन जमीन पर हालात नहीं बदलते।