
Iran attack US military sites: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप लगाते हुए ईरान पर हमले किए, वहीं तेहरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में 85 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह हमले ऐसे वक्त में किए गए जब ईरान के दिवंगत नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा इराक के नजफ में निकाली जा रही है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि बहरीन और कुवैत स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को उसने निशाना बनाया। उसने ये हमले मिसाइल और ड्रोन के जरिए अंजाम दिया। आईआरजीसी ने यह भी बताया कि हमलों में बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय औक कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस को को निशाने पर लिया।
ईरान के हमले को देखते हुए बहरीन ने बुधवार को आपातकालीन साइरन एक्टिव कर दिए हैं। उसने अपने नागरिकों से शांति बनाए रखने और निकटतम सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'आपातकालीन सायरन सक्रिय कर दिए गए हैं। सभी नागरिकों और निवासियों से अनुरोध है कि वे शांत रहें, निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाएं और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी अपडेट का पालन करें।'
उधर, कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी KUNA के मुताबिक, ईरान के हमलों के मद्देनजर देशभर में साइरन एक्टिव कर दिए गए हैं।
सीजफायर के बाद अमेरिका द्वारा ईरान हमले किए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर समझौते तोड़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने कहा, होर्मुज में अमेरिका ने ईरान के अधिकारों में दखल दिया। लगातार सैन्य हमलों की धमकी दी। ईरानी तेल निर्यात पर फिर से प्रतिबंध लागू गिए, दक्षिणी ईरान पर एयरस्ट्राइक की और लेबनान में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए बताया था कि अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के 80 ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसके अतिरिक्त ईरान की 60 से अधिक छोटी सैन्य बोट्स को भी निशाना बनाया।