
US attacks on Iran
Iran Military Response: मध्य पूर्व में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस संबंध में अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। उधर, अमेरिकी हमलों पर ईरान के सर्वोच्च सैन्य विंग 'खातम-अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसने दक्षिणी ईरान में हुए हालिया अमेरिकी हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'खुला उल्लंघन और उकसावे वाली कार्रवाई' करार दिया है। ईरानी सेना ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे इन हमलों का 'करारा जवाब' देंगे।
ईरानी सैन्य मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला उस संवेदनशील समय पर किया गया जब इराक में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही थीं। ईरान ने इसे न केवल अपनी संप्रभुता पर हमला माना है, बल्कि इसे एक बेहद अपमानजनक और कायराना कदम बताया है। सैन्य रणनीतिकारों का मानना है कि इस घटना के बाद ईरान के भीतर अमेरिका विरोधी भावनाएं चरम पर पहुंच गई हैं।
ईरान के उप-विदेश मंत्री अमेरिकी हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले के आरोप निराधार है। ईरान ने यह भी कहा, समझौते के तहत, होर्मुज के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी उसे दी गई है। इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों से तालमेल जरूरी है। अमेरिकी हमलों के बाद इराक के नजरफ से तेहरान लौट गए। ईरान की सरकारी प्रसारक IRIB ने इसकी पुष्टि की है।
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 2.7% से बढ़कर 72.40 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। उधर, अमेरिका ने ईरान तेल के निर्यात पर 17 जुलाई से प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
Updated on:
08 Jul 2026 08:31 am
Published on:
08 Jul 2026 07:49 am
