
अमेरिका ने ईरान पर किया हमला (Photo-ANI)
Iran US conflict: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से हालात खराब हो सकते है। दरअसल, अमेरिका ने होर्मुज से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिका सेंट्रल कमांड (CENCOM) ने इसकी पुष्टी की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पर हमलों की एक श्रृंखला चला रही है, ताकि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग में निर्दोष नागरिकों से जुड़े व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की कीमत ईरान को चुकानी पड़े।
अमेरिका सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई उन्हीं हमलों के जवाब में की गई है।
अमेरिकी सेना ने ईरान पर युद्धविराम का उल्लंघन करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का भी आरोप लगाया। CENTCOM ने कहा कि ईरान की यह आक्रामकता अनुचित, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है।
अज जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी ईरान में कई जगह धमाकों की आवाज़ सुनाई दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिक, केश्म और बंदर अब्बास के आसपास विस्फोटों की आवाज सुनाई दी है।
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के हवाले से बताया गया कि सीरिक बंदरगाह पर कई प्रोजेक्टाइल गिरने से व्यावसायिक और मछली पकड़ने वाले घाटों को नुकसान पहुंचा।
वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच 18 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा ईरानी तेल की बिक्री पर दी गई अस्थायी प्रतिबंध छूट को रद्द करना समझौते का उल्लंघन है। ईरान ने कहा कि समझौते के 20 दिन के अंदर ही अमेरिका का यह कदम उसकी खराब नीयत को दर्शाता है। इससे यह भी साबित होता है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से, विशेषकर लेबनान में इज़राइल की कार्रवाइयों के माध्यम से भी, समझौते का उल्लंघन किया है।
Updated on:
08 Jul 2026 06:57 am
Published on:
08 Jul 2026 05:57 am
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