
Iran US relations: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ अंतिम समझौते की खबरें महज अटकलें हैं। तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में एक्टिव थे, लेकिन अमेरिकी कार्रवाइयां राजनयिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही हैं।
IRNA की रिपोर्ट और CNN के हवाले से बघाई ने कहा कि शुरुआत से ही बातचीत की स्थिति हमारे लिए साफ थी। समझौते के मसौदे का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तय हो चुका था। लेकिन, अमेरिकी पक्ष लगातार अपना रुख बदलता रहा। उन्होंने कहा ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी तय की गई 'रेड लाइन्स' पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ किया कि अब तक ईरान किसी भी समझौते को लेकर किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंचा है। इस्माइल बघाई ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयों के कारण होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले से अधिक असुरक्षित हो गई है।
उनकी तरफ से यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए यह सौदा लगभग अंतिम चरण में है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही यह ‘बड़ा’ ईरान समझौता हस्ताक्षरित होगा, होर्मुज स्ट्रेट को आधिकारिक रूप से खोल दिया जाएगा।
ओवल ऑफिस में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान के साथ एक शानदार समझौता कर लिया है। अब दस्तावेजों को अंतिम रूप देना बाकी है। अगले कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाना चाहिए। संभवतः यूरोप में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। जब तेल की कीमतें गिरती हैं, तो बाकी सब की भी कीमतें गिर जाएंगी।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समझौते से ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। यही इस समझौते को हासिल करने का हमारा मुख्य उद्देश्य था। आपको बता दें कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक स्तर पर पड़ रहा है।