
Iran US Tensions Update News: तेहरान। ईरान और अमरीका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लेकर ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि वादे तोड़ने के लिए किसी को भी माफी नहीं दी जा सकती।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि वाशिंगटन का कूटनीति के प्रति अनादर एक बार फिर पूरी तरह बेनकाब हो गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प का यह स्वीकार करना कि वे कभी इस्लामाबाद MoU पर विश्वास नहीं करते थे और इसे महज 'समय की बर्बादी' मानते थे, अमरीका के कूटनीतिक वादों के खोखलेपन को दिखाता है। बघाई ने आगे कहा कि ईरान के लिए यह कोई नई बात नहीं है; अमरीका की पुरानी आदत रही है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय दायित्व असुविधाजनक लगते हैं, वह उनसे मुकर जाता है।
बघाई ने पश्चिमी व यूरोपीय देशों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों और अमरीका के अन्य समर्थकों के पास वाशिंगटन की गलतियों को छुपाने या उसे जवाबदेही से बचाने का कोई औचित्य नहीं है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों को अपनी सुविधा के अनुसार लागू नहीं किया जा सकता और न ही कोई राजनीतिक लीपापोती अमरीका को उसकी जवाबदेही से मुक्त कर सकती है।
दूसरी तरफ, टेक्सास के लब्बॉक में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमरीका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू नहीं किया, बल्कि ईरान 1979 से अमरीका के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमरीकी सैनिकों को निशाना बनाया और हजारों सैनिकों की जान ली, जबकि बड़ी संख्या में सैनिक घायल हुए। उन्होंने पिछली अमरीकी सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इस समस्या का समाधान बहुत पहले कर लेना चाहिए था, लेकिन उनमें ऐसा करने का साहस या समझ नहीं थी। युद्ध समाप्त होने के समय को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जब भी मैं चाहूंगा, ईरान के साथ युद्ध खत्म हो जाएगा।
इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यरुशलम में लिकुड पार्टी के चुनावी मुख्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इजराइल के पास अमरीका के साथ मिलकर ईरानी शासन से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करने का ऐतिहासिक और दुर्लभ अवसर है। नेतन्याहू ने ट्रंप को अपना साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के पास इस खतरे से निपटने का एक ऐसा मौका है, जो बार-बार नहीं मिलता।
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है। मंगलवार को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई के साथ बैठक के बाद जारी बयानों में यह बात सामने आई। खामेनेई ने राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में संस्कृति, राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के बीच आपसी संबंधों पर जोर दिया। साथ ही पड़ोसी देशों के साथ साझा हितों के आधार पर द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
बैठक से जुड़े बयानों के अनुसार, उन्होंने ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध को विरोधियों की बढ़ती हताशा का एक कारण बताया। उन्होंने मौजूदा 'न युद्ध, न शांति' जैसी स्थिति को समाप्त करने और देश की रक्षा में जनता की भागीदारी बनाए रखने के लिए सक्रिय संवाद की जरूरत पर भी बल दिया।