
Russia-Iran Relations Latest Update:अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है। अमेरिकी हमले के बाद आज शनिवार सुबह ईरान ने कुवैत को निशाना बनाया। उसका कहना था कि मिडिल-ईस्ट में जहां भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने रहेंगे, उसे वह नेस्तनाबूद कर देगा।
इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला इंटरनेशनल कॉन्टैक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हो सकता है। यह बातचीत फोन पर या आमने-सामने की बैठक के रूप में हो सकती है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उनकी संभावित रूस से बातचीत को राजनीतिक दृष्टिकोण से एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ईरानी सूत्र ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टैस को बताया कि रूस ईरान का सबसे करीबी साझेदार है। साथ ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस्लामिक रिपब्लिक का भरोसेमंद मित्र बताया गया है।
एक ईरानी सोर्स ने रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी टैस को बताया कि मोजतबा खामेनेई की पहली अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल या पहली आधिकारिक मुलाकात पुतिन के साथ हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक दोनों देशों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा सैन्य हालात और सुरक्षा जोखिमों की वजह से नए सुप्रीम लीडर फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं। सरकार स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही उनके सार्वजनिक कार्यक्रम शुरू हो सकते हैं।
बता दें मोजतबा खामेनेई को इसी साल मार्च में ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के कथित मिसाइल हमलों में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
अपने पिता के अंतिम संस्कार (जनाजे) से पहले जारी एक लिखित संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि वह अली खामेनेई और संघर्षों में मारे गए सभी लोगों के खून का बदला लेने की शपथ लेते हैं। उन्होंने इसे ईरानी जनता की इच्छा बताया और कहा कि इस संकल्प को पूरा किया जाएगा। इसी वजह से क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी हाल ही में कहा कि बढ़ते तनाव के बावजूद रूस लगातार अपने ईरानी सहयोगियों के संपर्क में है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच संवाद बना हुआ है।
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान ने पिछले महीने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम करना और संघर्ष विराम की दिशा में आगे बढ़ना था। इसके बाद स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता भी हुई।
ऐसे में यदि मोजतबा खामेनेई की पहली आधिकारिक बातचीत वास्तव में राष्ट्रपति पुतिन से होती है, तो यह केवल ईरान-रूस संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायल के लिए भी बड़ा सन्देश होगा।