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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं नहीं! अमेरिका का बड़ा दावा

Mojtaba Khamenei Health Report: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर मिलकर हमला किया था, जिसमें मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे। जबकि उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे।

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Jun 03, 2026
us-iran war update
फोटो में यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (इमेज सोर्स: ANI)

Marco Rubio Statement on Mojtaba Khamenei: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी चरम पर है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान दबदबा बनाया हुआ है। उसके परमिशन से ही तेल-गैस से लदे जहाज गुजर रहे हैं। उधर अमेरिका ने भी होर्मुज स्ट्रेट पर बाहर से नाकाबंदी कर रखी है। यही कारण है कि दुनिया भर में तेल-गैस के दाम आसमान छू रहे हैं।

इस बीच एक और बड़ी अपडेट सामने आई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

मोजतबा खामेनेई जीवित हैं या नहीं?

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी, जबकि उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे समय तक उनकी हालत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगती रहीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनकी स्थिति बेहद गंभीर है। लेकिन अब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि मोजतबा खामेनेई न केवल जीवित हैं, बल्कि ईरान के अहम सरकारी और राजनीतिक मामलों में तेजी से सक्रिय भूमिका भी निभा रहे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हो पा रहा समझौता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। वहीं, 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ संघर्ष विराम भी दबाव में माना जा रहा है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका अभी भी ईरान के साथ समझौते की उम्मीद रखता है, लेकिन इसके लिए तेहरान को कुछ बड़े कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा कि ईरान को सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलना होगा, ताकि तेल और गैस के जहाज बिना किसी रुकावट के आ-जा सकें। साथ ही, जहाजों पर हमले और फायरिंग भी बंद करनी होगी। रुबियो ने कहा कि अगर ईरान ऐसा करता है तो अमेरिका वहां बिछाई गई समुद्री माइंस हटाने में मदद करेगा।

इसके अलावा, ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम में भी बड़ी कटौती करनी होगी या यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) गतिविधियों को सीमित करना होगा। रुबियो के मुताबिक, यदि ईरान इन शर्तों को मानता है तो उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है।