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Iran War: ‘परिवार मारा गया तो अकेली कैसे रहूंगी? जंग के बाद ईरान में कैसे हैं हालात? रोजगार ठप, महंगाई चरम पर

ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। महंगाई दोगुनी, रोजगार ठप, लोग घर छोड़ना चाहते हैं लेकिन परिवार के डर से नहीं जा पा रहे।
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Jul 17, 2026
Iran People Problems
ईरान में आम जनता। (फोटो- The Washington Post)

अमेरिका के साथ जंग ने ईरान को मुश्किल में डाल दिया है। महंगाई चरम पर पहुंच गई है। बड़ी बात यह है कि लोग चाहकर भी देश नहीं छोड़ पा रहे हैं, क्योंकि उनके सामने अनेकों मजबूरी है।

तेहरान और सनंदज जैसे शहरों में लोग अब रोज सुबह उठते हैं तो यही सवाल दिमाग में घूमता है- आज शांति रहेगी या फिर बम गिरेंगे? अमेरिका के बढ़ते हमलों ने चार महीने से चल रही जंग को नया रूप दे दिया है।

जून में युद्धविराम के बाद अब रोज हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है। आम ईरानी परिवार दोबारा अनिश्चितता और तनाव की चपेट में आ गए हैं।

किराने का सामान दोगुना महंगा

रॉयटर्स ने 40 साल की फोटोग्राफर सोमैया तेहरान के हवाले से बताया कि बाजार में हर चीज की कीमत पहले से दोगुनी हो गई है। जंग के बीच सबसे बड़ी समस्या अर्थव्यवस्था है। रोज हालत बदतर हो रहे हैं।

उन्होंने अपनी साप्ताहिक सब्जी-राशन की फोटो शेयर करते हुए कहा कि दो दिन आगे का प्लान भी नहीं बन पा रहा। उन्होंने बताया कि एक दिन जंग, दूसरे दिन शांति, यह ऊपर-नीचे का खेल सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है।

शादी के बाद आई मुसीबत

30 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर आमिर सनंदज (कुर्दिस्तान प्रांत) में रहते हैं। उन्होंने जंग शुरू होने से ठीक पहले शादी की थी। जनवरी में सरकार द्वारा इंटरनेट बंद किए जाने के बाद उनका काम ठप हो गया है। फिर जंग शुरू हुई तो दोबारा इंटरनेट कट गया।

आमिर ने बताया- मैं रिमोट काम करने वाला हूं, इंटरनेट के बिना कुछ नहीं हो सकता था। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्हें काम मिला था लेकिन अब फिर हमले तेज हो गए हैं। अब परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

परिवार से दूर होने का डर

34 साल की साइकोथेरेपिस्ट नजानिन भी सनंदज से हैं। उन्होंने विदेश में पीएचडी करने का सपना देखा था लेकिन रियाल की कीमत गिरने से अब पैसे नहीं जुटा पा रही।

उन्होंने कहा- तुर्की जाकर दो महीने रह सकती हूं लेकिन इतने पैसे भी नहीं हैं। नजानिन ने बताया कि जब कभी परिवार से दूर जाती थीं तो मन में यही खयाल आता- अगर यहां बम गिरा तो परिवार का क्या होगा? या अगर परिवार मारा गया तो मैं अकेली कैसे रहूंगी? इस डर ने उन्हें देश छोड़ने का फैसला बदल दिया।

सोमैया ने भी यही बात कही। उन्होंने कहा- अब चाहे रास्ता मिल जाए तब भी नहीं जाना चाहती। घर, परिवार और जिंदगी यहां है। कुछ महीने बाहर रहकर भी लौटना ही पड़ेगा।

महंगाई से सड़क पर निकल सकते हैं लोग

महाबाद के रहने वाले हिवा ने कहा कि लगातार जंग और बढ़ती महंगाई सामाजिक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा- अगर यही हाल रहा तो सड़क पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।

बता दें कि जनवरी के विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए थे। उसके बाद सरकार ने गिरफ्तारियां, फांसी और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है।

Updated on:
17 Jul 2026 04:48 pm
Published on:
17 Jul 2026 04:48 pm