Iranian foreign minister remarks: ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष तेज, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दी चेतावनी, संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और क्षेत्रीय तनाव पर ग्रीस के विदेश मंत्री जॉर्जियोस गेरापेट्रिटिस के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कही यह बात।
Abbas Araghchi Middle East tensions: ईरान के साथ पिछले महीने 28 फरवरी से जारी अमेरिका-इजरायल की जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जहां अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान पलटवार करने का कोई मौका नहीं गंवा रहा है।
इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल अन्य देशों को शामिल करके या झूठे अभियानों को अंजाम देकर संघर्ष का दायरा व्यापक बनाने की कोशिश कर सकते हैं। अराघची ने यह बात ग्रीस के विदेश मंत्री जॉर्जियोस गेरापेट्रिटिस के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कही।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत देशों का यह कानूनी दायित्व है कि वे अपने क्षेत्रों या संसाधनों का इस्तेमाल आक्रामक कृत्यों की योजना बनाने या उनका समर्थन करने के लिए न होने दें। इस दौरान ईरानी मंत्री ने अमेरिका और इजरायल की ओर से पिछले महीने किए गए हमलों का विवरण भी दिया। उन्होंने कहा कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 4 का स्पष्ट उल्लंघन हैं और संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य देश के खिलाफ सैन्य आक्रामकता का स्पष्ट मामला हैं।
अराघची ने सभी देशों से मानवीय आधार पर इन हमलों की निंदा करने का आग्रह किया और कहा कि गैरकानूनी अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों के प्रति उदासीनता अंतरराष्ट्रीय मानकों और नैतिक व्यवस्था को कमजोर करती है, जिसका असर सभी देशों पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान हमलावरों के खिलाफ अपने रक्षात्मक अभियान जारी रखेगा, जिसमें क्षेत्र में उनके सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाना शामिल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान ने अन्य जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करते हुए इस जलमार्ग का उपयोग हमलावरों द्वारा किए जाने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं। वहीं, ग्रीस के विदेश मंत्री गेरापेट्रिटिस ने मध्य-पूर्व की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र वापसी की उम्मीद जताई।
इससे पहले शनिवार को इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति नेचिरवन बरज़ानी के आवास पर हुए ड्रोन हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। वॉशिंगटन ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। इसके जवाब में तेहरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे अमेरिका और इजरायल की साझा साजिश बताया, जिसका उद्देश्य हत्या करना था।