ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से पाकिस्तान पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई वर्कर्स का तो वेतन भी इस युद्ध की वजह से कम हो गया है।
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) की वजह से दुनियाभर में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। इनमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान (Pakistan) में गैस-तेल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। देश में पेट्रोल-डीज़ल और एलपीजी गैस की काफी किल्लत हो गई है। ऐसे में पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
पाकिस्तान सरकार ने तेल-गैस के गंभीर संकट की वजह से सरकारी स्वामित्व वाले उपक्रमों (एसओई) और स्वायत्त संस्थानों के वर्कर्स के वेतन में 30% तक कटौती को मंजूरी दे दी। यह कदम व्यापक मितव्ययिता अभियान के तहत उठाया गया है।
पीएम ऑफिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार इस गंभीर स्थिति में सरकारी बचत उपायों की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता खुद शरीफ ने की। बयान में कहा गया है कि वेतन में कटौती जैसे उपायों से होने वाली बचत का इस्तेमाल सिर्फ जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा।
शरीफ की अध्यक्षता में की गई हाई लेवल मीटिंग में यह भी बताया गया कि सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50% कटौती की निगरानी तीसरे पक्ष के ऑडिट के माध्यम से की जाएगी। वहीं अगले दो महीनों में 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा।