विदेश

US-Israel vs Iran War: ईरान की दो-टूक, अमेरिका-इजरायल मानें ये शर्तें, तभी रुकेगी जंग

Iran US Israel Conflict: ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि युद्ध तभी रुकेगा जब वे हमले दोबारा न होने की गारंटी दें। तेहरान ने मुआवजे और सुरक्षा शर्तों की मांग भी रखी है। पढ़ें पूरा विवरण।

2 min read
Mar 15, 2026
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची। (Photo - IANS)

Middle East tension: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) में हालात बहुत खराब हैं। एक तरफ अमेरिका और इजरायल लगातार बम बरसा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान भी पलटवार करते हुए इजरायल और पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है। इन तनावपूर्ण हालातों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक बड़ा बयान आया है। उन्होंने शांति के लिए अमेरिका और इजरायल के सामने कुछ शर्तें रखी हैं।

ईरान के विदेश मंत्री ने अरबी अखबार 'अल-अरबी अल-जदीद' से कहा कि यह जंग तभी रुक सकती है जब हमें पक्की गारंटी दी जाए कि भविष्य में हम पर ऐसे हमले दोबारा नहीं होंगे। उन्होंने साफ कहा कि शांति के लिए सुरक्षा का भरोसा मिलना बहुत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने जंग में हुए नुकसान के बदले हर्जाने की मांग भी की है।

ये भी पढ़ें

US-Israel vs Iran: ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, कहा-अभी जंग खत्म..

हमलों की जांच के लिए संयुक्त समिति का प्रस्ताव

ईरानी विदेश मंत्री ने सुझाव दिया कि इस इलाके के देशों को मिलकर एक 'जांच कमेटी' बनानी चाहिए। यह कमेटी हाल के हमलों की गहराई से जांच करे ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि ईरान ने केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने उन बातों को गलत बताया कि ईरान ने पड़ोसी देशों के आम लोगों या उनके घरों पर हमले किए हैं।

'नागरिक ठिकानों पर हमलों के पीछे इजरायल'

अब्बास अराघची ने शक जताया है कि अरब देशों में आम लोगों पर जो हमले हुए हैं, उनके पीछे इजरायल का हाथ हो सकता है। उनका मानना है कि इजरायल ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि ईरान और अरब देशों की दोस्ती में दरार आ जाए और आपस में गलतफहमी पैदा हो।

अमेरिका पर नए ड्रोन के इस्तेमाल का आरोप

उन्होंने अमेरिका पर एक गंभीर आरोप भी लगाया। अराघची के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के 'शाहिद' ड्रोन जैसा ही एक नया 'लुकास' ड्रोन बनाया है। उनका दावा है कि इसी ड्रोन से अरब देशों के ठिकानों पर हमले किए गए हैं।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले हुए तो कड़ा जवाब देगा ईरान

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल के कुओं या बिजली-पानी जैसे ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ, तो वह चुप नहीं बैठेगा। अराघची ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान इस इलाके में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों को सीधे तौर पर निशाना बना सकता है।

ये भी पढ़ें

US-Israel-Iran War: मिडिल-ईस्ट जंग के चलते भारत ने उठाया बड़ा कदम, फारस की खाड़ी के पास भारतीय नौसेना तैनात
Updated on:
16 Mar 2026 07:24 am
Published on:
15 Mar 2026 11:42 pm
Also Read
View All