
Iran US Talks Update: ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित टेक्निकल बातचीत को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के तकनीकी कार्य समूहों की कोई बैठक तय नहीं है। इसके साथ ही उन मीडिया रिपोर्टों का भी खंडन कर दिया गया, जिनमें दावा किया गया था कि दोनों देशों के प्रतिनिधि जल्द कतर में बातचीत करने वाले हैं।
अमेरिकी मीडिया वेबसाइट Axios ने रविवार को दावा किया था कि मंगलवार को कतर में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों की बैठक हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस बैठक में होर्मुज स्ट्रेट और सीजफायर समझौते को लागू करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। CNN ने भी ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से ऐसी ही खबर प्रकाशित की थी।
हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा, "इस सप्ताह कार्य समूहों की कोई तकनीकी बैठक निर्धारित नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी किसी बैठक की योजना नहीं बनाई गई है। ईरानी बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
मिडिल ईस्ट में संघर्ष खत्म कराने की कोशिशों के तहत कतर और पाकिस्तान दोनों मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच हालिया दौर की बातचीत 21 जून को स्विट्जरलैंड में हुई थी, जिसमें चार देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया था। कतर बातचीत के वित्तीय पहलुओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की बड़ी रकम वहां फंसी हुई है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को कहा कि कतर में फंसी ईरान की संपत्ति को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तय योजना के मुताबिक कतर में फंसे कुल 12 अरब डॉलर में से 6 अरब डॉलर जल्द ईरान को वापस मिलेंगे।
हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच तनाव और जवाबी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। ऐसे में सीजफायर लागू होने के बावजूद अमेरिका और ईरान के संबंधों में अनिश्चितता बनी हुई है। टेक्निकल बतचीत से इनकार के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच अगले औपचारिक दौर की बातचीत की कोई पुष्टि नहीं हुई है।