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ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं जाएंगे नरेंद्र मोदी

अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत सरकार की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं।
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भारत

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Rahul Yadav

Jun 29, 2026

Ayatollah Khamenei Funeral

अयातुल्ला अली खामेनेई (यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

Ayatollah Khamenei Funeral: आपको याद होगा कुछ दिन पहले खबर आई थी कि ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत को निमंत्रण भेजा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा था कि आखिर भारत की तरफ से कौन शामिल होगा? लेकिन अब जानकारी निकलकर आ रही है कि कौन शामिल होगा, चलिए जानते हैं।

ईरानी सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। दोनों नेता भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, इस संबंध में भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया था न्योता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था। यह निमंत्रण नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के जरिए विदेश मंत्रालय को भेजा गया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी पहले से तय अपने बहु-देशीय विदेश दौरे की वजह से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में भारत सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया गया।

4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

रिपोर्ट के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की औपचारिक शुरुआत 4 जुलाई को तेहरान में होगी। इसके बाद 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम संस्कार का कार्यक्रम पहले मार्च में प्रस्तावित था लेकिन उस समय क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

कई देशों के नेताओं को भी भेजा गया निमंत्रण

ईरान ने भारत के अलावा चीन, रूस, कतर, फ्रांस और पाकिस्तान समेत कई देशों के नेताओं को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनके देश का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस राजकीय समारोह में हिस्सा लेगा।

भारत-ईरान संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है दौरा

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते पश्चिम एशियाई हालात के बीच भारत के प्रतिनिधिमंडल का ईरान जाना दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बने रहे हैं। पिछले महीने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। वहीं, ईरान के ऊर्जा मंत्री ने भी हाल ही में भारत में आयोजित ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था।

भारत और ईरान के संबंध रहे हैं मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2016 में ईरान की आधिकारिक यात्रा के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई और तत्कालीन राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की थी। इसी दौरे में भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच चाबहार बंदरगाह के विकास से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की भी मुलाकात हुई थी।

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