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Poland Expelled : पोलैंड ने 11 नागरिकों को देश से निकाला, किस देश के साथ निभाई दोस्ती ?

Poland Expelled Citizens : पोलैंड ने नौ यूक्रेनियों और दो बेलारूसियों को देश से निकाल दिया गया है। उसने उन पर रूसी फंड का इस्तेमाल करके यूक्रेनी शरणार्थियों को कीव सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र करने का आरोप लगाया।
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भारत

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MI Zahir

Jun 29, 2026

Poland News

यूक्रेन का फ्लेमिंगो FP-5 क्रूज मिसाइल से रूस पर हमला। (स्क्रीनशॉट: X/ MAKS 26 )

Poland Expelled Ukrainian and Belarusian Citizens from the Country: रूस-यूक्रेन जंग के चलते कभी रूस भारतीय नागरिकों को अपने यहां सेना में भर्ती कर लेता है तो कभी पोलैंड अपने ही देश में रह रहे लोगों पर गाज गिराने लगा है। अब पोलैंड ने रूस से दोस्ती के शक में 11 नागरिकों को अपने देश से निकाल दिया है।

नौ यूक्रेनी और दो बेलारूसी नागरिकों को देश से निकाल दिया

इंटरनल सिक्योरिटी एजेंसी (ABW) ने सोमवार को घोषणा की कि पोलैंड की सुरक्षा एजेंसियों ने नौ यूक्रेनी और दो बेलारूसी नागरिकों को देश से निकाल दिया है। इन पर आरोप था कि वे रूसी फंड का इस्तेमाल करके पोलैंड में यूक्रेनी शरणार्थियों को कीव सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए भर्ती कर रहे थे।

रूस ने बार-बार इन आरोपों से इनकार किया है

पोलैंड सन 2022 में यूक्रेन पर रूस के बड़े पैमाने पर हमले के बाद से, लंबे समय से रूस और उसके सहयोगी बेलारूस पर हाइब्रिड कैंपेन चलाने का आरोप लगाता रहा है, जैसे कि तोड़-फोड़, साइबर हमले और गलत जानकारी फैलाना। रूस ने बार-बार इन आरोपों से इनकार किया है। हाल ही में पोलैंड ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को चेताया भी था।

उनका मकसद पोलैंड में यूक्रेनी शरणार्थियों को प्रभावित करना था: एबीडब्ल्यू

एबीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा, 'आयोजकों का मकसद पोलैंड में यूक्रेनी शरणार्थी समुदाय को धीरे-धीरे प्रभावित करना और राजनीतिक नारों को बढ़ावा देने के लिए इस समूह का इस्तेमाल करना था। इसमें यह भी कहा गया है कि विरोध-प्रदर्शन भड़काने के लिए भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल किया गया,जिनमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले और घरेलू राजनीति की अन्य घटनाएं शामिल थीं।

यह पारंपरिक आक्रामकता के दायरे से बाहर के ऑपरेशन्स का एक उदाहरण

एजेंसी के अनुसार, इन लोगों के रूस और बेलारूस से संबंध थे और वे 2025 की शरद ऋतु से अपनी गतिविधियां चला रहे थे। एबीडब्ल्यू ने कहा, 'यह पारंपरिक आक्रामकता के दायरे से बाहर के ऑपरेशन्स का एक उदाहरण है, जिसका मकसद लोगों का भरोसा कम करना, तनाव बढ़ाना और युद्ध से भाग रहे लोगों का इस्तेमाल रूसी प्रभाव के लिए करना है।' वारसॉ में रूसी दूतावास ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।