ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से 1987 का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे ईरान के तेल पर कब्जा करने की बात कह रहे है। मौजूदा युद्ध के हालात देखते हुए यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते मिडिल ईस्ट में तबाही मची हुई है। यह जंग वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों को ही प्रभावित कर रही है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है जो कि तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रंप ईरान के तेल पर कब्जा करने की बात करते दिख रहे हैं। यह वीडियो 1987 का बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर ट्रंप की पुरानी रणनीति और वर्तमान नीतियों के बीच संबंध को लेकर बहस शुरू हो गई है।
1987 के इस इंटरव्यू में युवा ट्रम्प ने साफ कहा था कि अगर ईरान अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो अमेरिका को उसके तेल ठिकानों पर कब्जा कर लेना चाहिए। वीडियो में ट्रंप कहते सुनाई दे रहे है कि हम क्यों नहीं उनके समुद्र किनारे वाले तेल पर कब्जा कर सकते। इस वीडियो के फिर से सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि ट्रम्प का यह रुख कोई नया नहीं है, बल्कि दशकों पुराना है। हाल ही में भी उन्होंने इसी तरह के बयान दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनकी विदेश नीति में ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण एक अहम मुद्दा रहा है।
मौजूदा युद्ध के बीच ट्रम्प ने फिर से कहा कि अमेरिका ईरान का तेल ले सकता है और यह उनका फेवरेट ऑप्शन है। उन्होंने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर कब्जे की संभावना भी जताई है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शांति समझौता जल्द नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, ऑयल फील्ड और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। इन बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युद्ध और ज्यादा भड़क सकता है और वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादकों में शामिल है। उसके पास दुनिया के कुल सिद्ध तेल भंडार का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा है और वह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल उत्पादन करता है। इसी वजह से ईरान का ऊर्जा सेक्टर न केवल उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित उसके तेल ठिकाने, खासकर खार्ग आइलैंड, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र पर नियंत्रण को लेकर वैश्विक शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा हमेशा बनी रहती है।